बांग्लादेश: राजद्रोह समेत 9 मामलों में पूर्व PM खालिदा जिया को मिली जमानत

नई दिल्ली (10 अगस्त): बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष की नेता खालिदा जिया को एक अदालत ने राहत दी है। राजद्रोह समेत नौ मामलों में बुधवार को उन्हें जमानत मिल गई।

- रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश कामरूल हसन मुल्ला ने राजद्रोह के मामले में जिया को जमानत दी। - सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने मुक्तिसंग्राम के शहीदों के खिलाफ टिप्पणी को लेकर उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया था। - पिछले साल 21 दिसंबर को एक परिचर्चा के दौरान 70-वर्षीय खालिदा जिया ने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए मुक्ति संग्राम में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर संदेह प्रकट किया था। - जिया की पार्टी बीएनपी कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी की अहम सहयोगी है, जो पाकिस्तान से बांग्लादेश की मुक्ति के खिलाफ थी। - सत्ताधारी आवामी लीग, 1971 के मुक्ति संग्राम के सेनानियों और शहीद परिवारों के सदस्यों ने जिया के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। - कुछ ने तो उन्हें पाकिस्तान का एजेंट भी बताया था। - जिया ने इस मामले में जमानत की मांग करते हुए आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद अदालत जमानत का आदेश दिया।

क्या हैं मामले

- अदालत ने आगजनी के 8 मामलों में भी जिया को जमानत दे दी। - द्राउसलाम थाने ने ये मामले दर्ज किए थे। - जिया और उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के 27 नेताओं एवं पदाधिकारियों पर सरकार के खिलाफ अभियान का आरोप है। - अभियान के दौरान ढाका में आग लगने वाले बम फेंकने की साजिश रचने के आरोप हैं।  - जिया ने प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया था। - इसके लिए नए चुनाव की राह पर बढ़ने की कोशिश के तहत राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया, तब ये हमले हुए थे।