पद्मनाभस्वामी के दर पहुंचे पीएम मोदी, भगवान विष्णु से मांगा ये वरदान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जनवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मिशन 2019 पर पूरी शिद्दत के साथ लग गए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी कल केरल के दौरे पर थे। प्रधानमंत्री मोदी ने दिन में केरल के लोगों को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात दी और शाम होते ही भगवान विष्णु के दर पद्मनाभ स्वामी मंदिर पहुंच गए। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां करीब 20 मिनट तक पूजा अर्चना की और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

हजार साल पुराने भगवान पद्मनाभस्वामी के मंदिर में पूजन-दर्शन के लिए पहुंच पर प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने भी सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए मंदिर में प्रवेश किया। भगवान पद्मनाभस्वामी के दर्शन से पहले पीएम मोदी ने स्वदेश दर्शन योजना का उद्घाटन किया। इस मौके पर  केरल के राज्यपाल पलानीसामी सदाशिवम, सीएम पिनाराई विजयन। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री  केजे अल्फोंस और  कांग्रेस नेता शशि थरूर भी मौजूद थे।

स्वदेश दर्शन योजना का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने परंपरागत ढंग से धोती जिसे स्थानीय भाषा में मंडू भी करते हैं धारण कर मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में सिले कपड़े पहनकर आने की इजाजत नहीं है। मान्यता है कि सिले कपड़े सुद्ध नहीं होते और इसलिए मंदिर में मंडू पहनकर पूजा की प्रथा सदियों से चली आ रही है। 

इस दौरान मंदिर का मनमोहन दृश्य देखते ही बन रहा था। तिरुवनंतपुरम का ये भव्य और दिव्य मंदिर काफी आकर्षक लग रहा था। मंदिर के बाहर भक्तों की भाड़ी भीड़ लगी हुई थी। भगवान के दर्शन के साथ साथ सभी पीएम मोदी की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिए।

महाभारत काल के इस प्राचीन मंदिर को भगवान विष्णु के 108 ‘दिव्यदेशम’ में से एक के तौर पर जाना जाता है। पीएम मोदी ने पूजा अर्चना के बाद मंदिर में करीब 20 मिनट तक का वक्त बिताया और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। ये कोई पहली बार नहीं था जब पीएम पद्मनाभस्वामी के दर पर पहुंचे हो। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने जीत की मनुकामना के साथ मंदिर में उपासना की थी। 25 सितंबर 2013 को पीएम ने मंदिर के दर्शन किए थे और एक बार फिर वो लोकसभा चुनाव के पहले विजय का वरदान मांगने भगवान विष्णु के द्वार पहुंचे। अब ये तो 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद ही पता चल पाएगा कि मोदी की मनोकामना मंदिर दर्शन से पूरी होती है या फिर उनका हिदुत्व का एजेंडा इस बार फेल साबित होता है।