ये है केरल में आई तबाही की असली वजह


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 अगस्त): केरल में 20 दिन से लगातार बारिश के बाद राज्य के हाल बेहाल है। पूरे प्रदेश से लाखों लोगों को बचाव कैंपों में शरण लेनी पड़ रही है। हालांकि अब भारी बारिश और बाढ़ से फिलहाल राहत है और जन-जीवन धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। बारिश और बाढ़ से राज्य को हुए नुकसान का आकलन करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

वैसे अभी यह कहना मुश्किल होगा कि केरल में इस बार बारिश और बाढ़ ने इतनी ज्यादा तबाही क्यों मचाई। लेकिन इसके पीछे जो कारण अभी तक सामने आ रहे हैं, उसमें ऐसे क्षेत्रों में निर्णाम करना है, जहां पर नहीं किया जाना था।

चैकडैम बने बाढ़ की वजह
भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर वर्षा के बादलों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाला पश्चिमी घाट मानवीय हस्तक्षेप के कारण सिकुड़ रहा है। पर्यावरणविद विमलेंदु झा इस बाढ़ की दूसरी वजह यहां पर बनाए गए चेकडैम को भी मानते हैं। जहां भूस्खिलन ज्यादा हुआ है तो पता चलता है कि यह वही जगह है, जहां पर निर्माण की इजाजत न होते हुए भी वहां चेकडैम बनाए गए या फिर इमारतें खड़ी की गईं।  कोच्चि एयरपोर्ट के भी पेरियार नदी की ट्रिब्यूटरी पर बना है। गाडगिल कमेटी की रिपोर्ट में यह साफतौर पर कहा गया है कि इन क्षेत्रों में निर्माण नहीं किया जाना चाहिए।

बारिश से अब तक कितनी तबाही?
आंकड़ों के मुताबिकस केरल में बारिश के बाद भीषण तबाही से 40,000 हेक्टेयर से भी अधिक की फसलों का नुकसान हो चुका है। 26,000 से भी अधिक मकान तहस-नहस हो गए हैं। इंसानों के साथ ही करीब 46,000 मवेशी और 2 लाख से अधिक पोल्ट्री (मुर्गी, आदि) का नुकसान हुआ है। बाढ़ ने राज्य के इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमर किस हद तक तोड़ दी है इसका पता इस बात चलता है कि लगभग एक लाख किलोमीटर सड़कें तबाह हो चुकी हैं। इनमें 16,000 किलोमीटर लोक निर्माण विभाग की और 82,000 किलोमीटर स्थानीय सड़कें शामिल हैं। साथ ही 134 पुल भी बुरी तरह ध्वस्त हैं।