जला दिए जाएंगे 105 टन हाथी दांत, कीमत- 'करोड़ों डॉलर'

नई दिल्ली (29 अप्रैल): अफ्रीका में अवैध शिकार का एक बेहद भयानक रूप सामने आया है। पिछले सप्ताह में कई दर्जन लोगों ने नैरोबी नेशनल पार्क में एक जगह पर हाथी दांतों को इकट्ठा कर एक बड़ा ढ़ेर तैयार किया है। इनकी कीमत लाखों डॉलर्स में है।

ये आकार और वज़न में इतने भारी हैं कि एक दांत को उठाने के लिए दो-दो आदमियों को लगना होता है। इस तरह 10 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा ढ़ेर तैयार किया गया है। ये देखने में दुनिया के किसी विलुप्तप्राय प्रजाति के अवशेष मालूम होते हैं। लेकिन यह महज़ एक ढ़ेर नहीं है। इसे शनिवार को इसे एक चिता में बदल दिया जाएगा।   'सीएनएन' की रिपोर्ट के मुताबिक, केन्या के राष्ट्रपति उहुरु कीन्याटा 105 टन वजन से ज्यादा हाथी दांतों की चिता को आग देंगे। इसके अलावा 1.35 टन वजन के गैंडे के सीघों और कुछ अन्य जानवरों की खालों के साथ अन्य उत्पादों को भी शनिवार को जला दिया जाएगा। जिनमें चंदन की लकड़ी और जड़ीबूटियां शामिल हैं। 

वाइल्ड लाइफ से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि एक बार में इतने सारे हाथी दांतों को एक साथ नष्ट किए जाने का यह इतिहास में पहला मामला है। हाथी दांतों का इस्तेमाल आभूषण या सजावट के सामान बनाने में होता है। गुरुवार को जब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और मीडियावाले नैरोबी नेशनल पार्क पहुंचे तो पार्क के कर्मचारी इन दांतों को जलाने की तैयारियां कर रहे थे। वहीं, पास में तैनात केन्या वाइल्डलाइफ सर्विस के रेंजर्स इसकी सुरक्षा में तैनात थे। बताया जा रहा है कि इन दांतों की चीन में काफी मांग है।

शनिवार को जब लाइकीपिया में जाइंट्स क्लब वाइल्डलाइफ समिट खत्म होगा, उसके बाद इन दांतों को जलाया जाना है। सामाजिक कार्यकर्ताओं को डर है कि अगर हाथी दांतों की तस्करी के लिए इसी तरह उनका शिकार किया जाता रहा तो यह जानवर अगले 50 साल में विलुप्त हो जाएगा। 

गौरतलब है, अफ्रीकी सरकार वन्य जीवों से जुड़े उत्पादों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए काफी कोशिश कर रही है। लेकिन हाथी दांत की तस्करी को रोकने के लिए असफल साबित होती रही है। ऐसे में यह कदम अपने आप में पहली ऐसी घटना बताई जा रही है, जब इतनी बड़ी मात्रा में हाथी दांत को जलाया जाएगा।

केन्या के वाइल्डलाइफ सर्विस डायरेक्टर जनरल कितिली बाती ने कहा, "केन्या की नज़र से हम धुएं में उड़ते हुए कोई पैसा नहीं देखते। इनकी कीमत तभी है, जब यह एक जीवित हाथी के साथ हों।"