हमें काम नहीं करने दिया जाता फिर भी अमेरिका तक हमारे कामों की चर्चा- केजरीवाल

नई दिल्ली (15 राजस्थान): दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने छत्रसाल स्टेडियम में अपने प्रदेश के लोगों को संबोधित किया। स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी केजरीवाल केंद्र सरकार पर आरोप लगाते दिखे। उन्होंने कहा आज दिल्ली के अंदर जो व्यवस्था है वो वही अंग्रेजी व्यवस्था है, जिसमे आप अपना विधायक, मुख्यमंत्री तो चुन सकते हो, लेकिन उन प्रतिनिधियों को सरकार चलाने का अधिकार नहीं है। सरकार तो कोई और चलाता है।

और क्या बोले केजरीवाल... > हमने फिरंगी ताकतों को इस देश से खदेड़ कर बाहर किया। > बाबा साहेब के संविधान को लाग् किया। > और सबसे बड़ी बात की हमने ये तय किया कि अब कोई राजा नहीं होगा। कोई हुकूमत नहीं होगी।

दिल्ली में सीएम को आंशिक अधिकार > दिल्ली को आज़ादी के कुछ साल बाद तक अपनी सरकार चुनने का मौका मिला। लेकिन उसके बाद इसे केंद्र शाषित प्रदेश घोषित कर दिया।  > केंद्र सरकार ने भारत सरकार ने कुछ सालों बाद लोगों के संघर्ष को माना लेकिन आंशिक अधिकार ही मिला। > 1992 के अंदर दिल्ली में सरकार बनी, लोग वोट डालते हैं अपनी सरकार चुनते हैं। और सरकार जनता के लिए काम करती थी। > लेकिन पिछले डेढ़ साल से ये आंशिक अधिकार भी हमसे छिने जा रहे हैं।

दिल्ली के लोगों की वोट की कीमत सबसे कम > दिल्ली के लोगों की वोट की कीमत छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट के लोगों के वोट की कीमत से कम है। > अगर महाराष्ट्र के लोगों , छत्तीसगढ़, हरियाणा के लोगों की वोट की कीमत 100 पॉइंट है तो दिल्ली के वोट की कीमत 20 पॉइंट है। > क्या दिल्ली के लोग देश के दूसरे राज्यों से कम टैक्स देते हैं, क्या दिल्ली वाले कम देशभक्त हैं। अगर नहीं तो वोट की ताकत कम क्यों, क्यों दिल्ली को, आपकी चुनी हुई सरकार को पूरा अधिकार नहीं।

हमारी चर्चा अमेरिका तक > हमें पिछले डेढ़ साल में कई काम किये, चाहे कितनी अड़चन आयी हो। हमारी चर्चा अमेरिका तक है। > हमने जो भी काम किया एजुकेशन, हेल्थ, स्किल के श्रेत्र में वो आज दुनिया के लिए मॉडल है। > जितना काम हमने डेढ़ साल में एजुकेशन रिफार्म के लिए किया वो अपने आप में क्रन्तिकारी है। हमने पहली बार PTM ऑर्गनाइज़ किया। उसकी चर्चा भी खूब हुई। > पहले एक एक क्लास में 150- 150 बच्चे पढ़ते थे, अब हमने डेढ़ साल में 8000 नए क्लासरूम बनाये। मतलब लगभग 200 नए स्कूल...ये ऐतिहासिक परिवर्तन् शिक्षा के श्रेत्र में हमने किया। > प्राइवेट स्कूल की फीस बढ़ोत्तरी पर हमने लगाम कसी।