"मोदी जी मुझे मार लो, पीट लो, दिल्ली के लोगों को परेशान मत करो"

नई दिल्ली (15 जून) :  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के सिर पर ऑफिस ऑफ प्रॉफिट को लेकर लटक रही तलवार के सिलसिले में केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। केजरीवाल ने जो कुछ कहा उसका निचोड़ यही था कि उनकी सरकार अच्छा काम कर रही है और मोदी सरकार जानबूझकर उन्हें परेशान कर रही है।

केजरीवाल ने कहा,  "मोदी जी आप से हाथ जोड़कर विनती है कि आपकी लड़ाई मेरे साथ है, मुझे मार लो पीट लो, लेकिन दिल्ली के लोगों को परेशान मत करो।"

केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत में कहा कि बीजेपी और कांग्रेस का इस मुद्दे पर शोर मचाना ऐसे ही है जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। केजरीवाल ने कहा कि 7 मई 1997 को दिल्ली की तत्कालीन बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा ने नंद किशोर गर्ग को संसदीय सचिव बनाया तो वो वैध था, शीला दीक्षित सरकार के दौरान अजय माकन, जो इस वक्त सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं, को संसदीय सचिव बनाया गया तो वो वैध था, अब आम आदमी पार्टी सरकार ने संसदीय सचिव बनाए तो वो अवैध हो गए। केजरीवाल ने कहा कि अजय माकन ने तो संसदीय सचिव रहते स्टाफ तक रखा, उनकी छुट्टियां तक सैंक्शन की, तो वो क्या था।

केजरीवाल के मुताबिक दिल्ली में संसदीय सचिव बनाने का सिलसिला 1953 से चलता चला आ रहा है, जब एचकेएल भगत को संसदीय सचिव बनाया गया था। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के 21 संसदीय सचिव उनकी सरकार के आंख, कान, हाथ हैं। ये संसदीय सचिव के तौर पर बिना कोई वेतन या अन्य सुविधा लिए मोहल्ला क्लिनिक्स के कामकाज, स्कूलो में नए रूम्स के निर्माण, अस्पतालों आदि पर नज़र रख कर लोगों का जीवन आसान करने के लिए दिन-रात जुटे हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनके ये संसदीय सचिव एमबीए, इंजीनियर जैसे उच्च शिक्षा प्राप्त मेहनती लोग है, दूसरी पार्टियों की तरह अनपढ़ नहीं हैं।

केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तत्काल बाद दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल 'हिट एंड रन' में विश्वास रखते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात कहने के साथ ही उठ कर चल दिए, किसी पत्रकार के सवाल का जवाब तक नहीं दिया। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि साहिब सिंह ने मुख्यमंत्री के नाते नंद किशोर गर्ग को संसदीय सचिव बनाया था। ना कि विधायकों को मंत्रियो का संसदीय सचिव बनाया था।