केजरीवाल की सुरक्षा के लिए सरकार कर रही 10 हट्टे-कट्टे जवानों की तलाश

नई दिल्ली (19 जनवरी) : दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा के लिए दस हट्टे कट्टे जवानों की तलाश कर रही है। ये दस जवान स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का हिस्सा होंगे जो केजरीवाल की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार होगी। वे दिल्ली पुलिस की सुरक्षा नहीं लेना चाहते। बता दें कि केजरीवाल को भीड़ में कई बार निशाना बनाया जा चुका है। बीते रविवार को एक महिला ने उन पर स्याही फेंकी थी। 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार की अपने अंतर्गत आने वाले सिविल डिफेंस विंग से 10 मज़बूत युवा वालन्टियर्स को प्रशिक्षित करने की योजना है। केजरीवाल अगर दिल्ली से बाहर का दौरा भी करेंगे तो ये जवान उनकी सुरक्षा करेंगे।   

पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा, हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है। वो किसी काम के नहीं हैं। हमारे पास आम आदमी पार्टी के वालन्टियर्स हैं जो मुख्यमंत्री की सुरक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री अपने आसपास दिल्ली पुलिस की मौजूदगी नहीं चाहते। 

हम इन वॉलन्टियर्स को सिविल डिफेंस का हिस्सा बनाएंगे जिससे कि उन्हें बुनियादी ट्रेनिंग दी जा सके। सिविल डिफेंस गार्ड्स हथियारों से लैस नहीं होंगे लेकिन वो स्याही हमले और लोगों को मुख्यमंत्री के पास पहुंचने से रोक सकते हैं। 

फिलहाल पार्टी कार्यकर्ता केजरीवाल को सुरक्षा प्रदान करते हैं। उनके वाहन को भी पार्टी का एक कार्यकर्ता ही ड्राइव करता है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वो 50 सुरक्षाकर्मियों के साथ केजरीवाल को ज़ेड प्लस सुरक्षा देते हैं। इनमें प्रशिक्षित सशस्त्र कमांडो भी शामिल हैं। लेकिन केजरीवाल का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस की सुरक्षा की ज़रूरत नहीं है, जो उन्हें रिपोर्ट नहीं करती। 

आम आदमी पार्टी ने ये आरोप भी लगाया है कि केजरीवाल को उनके हालिया पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। रविवार को स्याही फेंकने वाली घटना के बाद भी पार्टी ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी नहीं होने का आरोप लगाया था। 

सिविल डिफेंस विंग में आप कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था देख रहे थे। यहां 18000 गार्ड्स थे जिन्होंने बसों और अस्पतालों के अलावा ट्रैफिक भी मैनेज किया।