टिक-टॉक को लेकर पीएमओ सख्त, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से कहा नजर बनाए रखें

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जुलाई): टिक-टॉक को लेकर सरकार सख्त हो गई है। पीएमओ ऑफिस ने आईटी मिनिस्ट्री से कहा है इस ऐप पर कड़ी नजर बनाए रखें। इस चाइनीज ऐप कि कई शिकायतें आई हैं जिसे लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। पीएमओ का कहना है कि यह ऐप निगरानी में है। इस हफ्ते की शुरुआत में पीएमओ ने नोडल मंत्रालय ने कहा था कि यह ऐप सभी आवश्यकताओं के अनुपालन में है, जिसमें अभी तक अधिसूचित मध्यस्थ दिशानिर्देशों में प्रस्तावित संदेशों के पता लगाने की क्षमता शामिल है।इसके पहले टिकटॉक और हेलो को सरकार ने नोटिस भेजकर 24 सवालों के जवाब मांगे हैं। दोनों एप पर आरोप है कि इन मंचों का उपयोग राष्ट्र - विरोधी गतिविधियों में हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि केंद्र ने इन एप को चेतावनी दी है यदि उन्होंने 22 जुलाई तक उचित जवाब नहीं दिया तो उन्हें प्रतिबंध का सामान करना पड़ सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच की ओर से प्रधानमंत्री को भेजी गई एक शिकायत पर की है। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन मंचों का उपयोग राष्ट्र विरोधी और गैर - कानूनी गतिविधियों में हो रहा है।मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में फेक न्यूज को रोकने के लिए उठाए गए कदमों और इससे संबंधित भारतीय कानूनों को अनुपालन के संबंध में भी जानकारी मांगी है। साथ ही हेलो ऐप से अन्य सोशल मीडिया साइट्स को 11 हजार मॉर्फ्ड राजनीतिक विज्ञापन देने के लिए भारी राशि खर्च करने संबंधी आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय ने दोनों प्लेटफॉर्म्स के सामने चाइल्ड प्राइवेसी का मुद्दा उठाया है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत में 18 साल से कम के व्यक्ति को चाइल्ड माना जाता है, इसके बावजूद दोनों प्लेटफॉर्म्स ने एंट्री के लिए 13 साल की आयुसीमा क्यों तय की हैं?इस संबंध में टिकटॉक एवं हेलो ने एक संयुक्त बयान में कहा, हम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था द्वारा हमें मिले अपार सहयोग के लिए आभारी हैं। हम इस समुदाय की जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हैं और अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए सरकार के साथ पूरा सहयोग करने के इस अवसर का स्वागत करते हैं। भारत सबसे मजबूत बाजारों में से एक है। भारत के लिए हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप हम अगले तीन साल में भारत में एक अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं।