पाक से आता है KBC का कॉल, 'करोड़पति' बनाने के नाम पर बनाता है 'रोडपति'

दीपक दुबे, नई दिल्ली (22 अगस्त): अभिनेता अमिताभ बच्चन के नाम पर हो रही है लाखो करोडो की ठगी। भारत का मशहूर गेम शो "कौन बनेगा करोड़पति" के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को लुटा जा रहा है, और करोड़पति बनाने का झांसा दे रहा है पाकिस्तान में बैठा कॉलर, जिनके निशाने पर है भारत में बैठे वो लोग जिन्हें ये लोग आसानी से करोड़पति बनाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बना रहे है, पाकिस्तान में बैठा शातिर गिरोह बाकायदा फोन कॉल करता है, केबीसी के डॉक्युमेंट्स भेजता है यहाँ तक की खाश तरह का वीडियो भी भेजता है जिसमे स्क्रीन पर खड़ी एंकर यह कहती है की आपका नम्बर करोड़पति के लिए सेलेक्ट किया है, आखिर कैसे की जा रही है लाखो करोडो की ठगी आइए आपको बताते हैं।

अमिताभ बच्चन का गेम शो कौन बनेगा करोड़पति का इस्तेमाल कर रहा है आईएसआई। आपको बता दे की, अज्ञात व्यक्ति फ़ोन कॉल के जरिये लोगो को लॉटरी का लालच देता है। उनसे कहता है की वो केबीसी की तरफ से बात कर रहा है और लॉटरी के सिलसिले में उसने कॉल किया है। आगे बात करते करते वो अपने शिकार को पूरी तरह भरोसा दिलाता है की वो केबीसी की तरफ से ही बात कर रहा है और उसका विश्वास जीत लेता है। वो अपने शिकार को एक नंबर देता है और उसे कहता है की उसके सिमकार्ड को लॉटरी लगी है। वो अपने शिकार को इस बात को किसीसे न बांटने की बात करता है, उसके बाद वो उसके बैंक डिटेल्स लेकर अपनी ठगी को अंजाम देता है।

आपको बता दे की 0092 या +92 से आया हुआ फ़ोन कॉल पकिस्तान मूल का होता है। +92 पकिस्तान का कंट्री कोड है। साइबर एक्सपर्ट की माने तो ये फ़ोन कॉल पाकिस्तान या और भी किसी देश से किया जा सकता है। आपको बतादे की इन्टरनेट के जरिये आप किसी भी देश के कंट्री का इस्तेमाल कर किसी भी देश में कॉल कर सकते है। और ये सब फ़ोन कॉल कही न कही देश की सुरक्षा को तोड़ने का भी प्रयास होता है।

वही अगर पुलिस की माने तो ये फर्जी फ़ोन कॉल्स खतरे का सबक भी बन सकते है। जो आपको बर्बाद कर सकती है ये काल 444, 0092 या +92 से आते है, ये लोग किसी बड़े अभिनेता, अभिनेत्री के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का काम करते है, जिनसे बचकर रहना चाहिये। अब अगर आपको भी ऐसे काल आये तो हो जाए सावधान वार्ना आप भी ऐसे गिरोह का शिकार बन जाएंगे, आपकी गाढ़ी कमाई आपको करोड़पति बनाने के चक्कर में रोड पति बना देगी।