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कठुआ रेप-मर्डर केस: पीड़िता की मां बोली- दोषियों को फांसी से कम कुछ नहीं मंजूर

जम्मू कश्मीर के कठुआ में 8 जनवरी 2018 को 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में पठानकोट की एक विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस केस के मास्‍टरमाइंड सांझी राम को दोषी माना है

kathua-rapeImage Credit: Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जून): जम्मू कश्मीर के कठुआ में 8 जनवरी 2018 को 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में पठानकोट की एक विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस केस के मास्‍टरमाइंड सांझी राम को दोषी माना है। इसके साथ ही दीपक खजूरिया , आनंद दत्‍ता और प्रवेश को भी दोषी ठहराया गया है। वहीं एक आरोपी को बरी कर दिया है। पीड़ित बच्ची की मां का कहना है कि सभी आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। घटना के इतने दिनों के बाद भी आरोपियों को अब तक सजा नहीं मिली है।

गौरतलब है कि कठुआ जिले के एक छोटे से गांव के मंदिर में कथित तौर पर बंधक बनाकर उसके साथ रेप किया गया था। इतना ही नहीं उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया।

सांजी राम से कथित तौर पर चार लाख रुपये लेने और महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के मामले में हैड कांस्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया। जिला और सत्र जज ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किये हैं। किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. इस मामले ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था और इसमें बीजेपी के दो मंत्रियों (चौधरी लाल सिंह, पूर्व वन मंत्री और चंद्र प्रकाश गंगा, पूर्व उद्योग मंत्री) को अपना मंत्री पद गवाना पड़ा था। मामले की सुनवाई पठानकोट की जिला और सत्र अदालत में चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। इससे पहले कठुआ के वकीलों ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को मामले में चार्जशीट दाखिल करने से रोका था। इस मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अगर आरोपियों को दोषी करार दिया जाता है तो कम से कम उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा सुनाई जा सकती है। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि कठुआ में फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर अदालत और उसके आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं। उन्होंने कहा कि हालात पर करीब से नजर रखी जाएगी।

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