कठुआ गैंगरेप: वकीलों के दोषी होने पर हमेशा के लिए रद्द लाइसेंस होगा- BCI चैयरमैन

नई दिल्ली (15 अप्रैल): जम्मू-कश्मीर के कठुआ में मासूम से रेप और हत्या के आरोपियों की वकालत करने वाले वकीलों पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने नाराजगी जाहिर की है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जम्मू-कश्मीर बार काउंसिल और कठुआ बार काउंसिल को तुरंत हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया है।

कठुआ गैंगरेप में आरोपियों के समर्थन में जम्मू के वकीलों ने तिरंग यात्रा निकाली थी। साथ ही भारत माता की जय का नारा लगाया था। पीड़िता के पिता ने वकीलों के ऊपर धमकाने का आरोप भी लगाया है। जिसकी वजह से जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलों की चौतरफा निंदा हो रही है। वकीलों के रैवये को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया अब सख्त हुआ है। बार काउंसिल इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा है- 'अगर कोई भी वकील दोषी पाएगा, हमारे पास उनका लाइसेंस जीवनभर के लिए रद्द करने का अधिकार है।'

If any lawyer is found guilty in the case, we have the rights to cancel their license for a lifetime: Manan Kumar Mishra, Bar Council of India (BCI) chairman #Kathua rape and murder case pic.twitter.com/h3zVxvfIki

— ANI (@ANI) April 15, 2018

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक कमेटी का भी गठन किया है। ये कमेटी पूर्व जस्टिस तरुण अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित की गई है। 5 लोगों की ये कमेटी 20 अप्रैल को कठुआ जाएगी। जो इस पूरे केस में वकीलों की भूमिका की जांच करेगी।