अलगाववादियों पर सालभर में खर्च होते हैं 100 करोड़, मिलती हैं ये सुविधाएं...

दयाकृष्‍ण, नई दिल्ली (7 सितंबर): हैरत की बात है कि भारत में रहते हुए पाकिस्तान की गाने वाले अलगाववादियों पर सरकार हर साल करीब 100 करोड़ रुपये खर्च करती है। हालांकि सर्वदलीय टीम से बात नहीं करने पर मोदी सरकार ने इनपर पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अब इनको दी जाने वाली सुविधाओं में कटौती का मन बना रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार अलगाववादियों के विदेश दौरे, मेडिकल सुविधा, होटल में ठहरने व सुरक्षा समेत अन्य सुविधाओं पर रोक लगा सकती है।

अलगाववादियों को सरकार से मिलती हैं ये सुविधाएं... - अलगाववादियों की सुरक्षा में सरकार की तरफ से 900 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनान किए गए हैं। - पांच साल इनकी सुरक्षा के ऊपर 506 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। - 21 करोड़ रुपये पांच साल के दौरान होटलों में रुकने के नाम पर खर्च हो चुके हैं। - इन्हें हवाई टिकट, कश्मीर से बाहर जाने पर होटल और गाड़‍ियों की सुविधा भी दी जाती है। - 2010 से ही अलगाववादियों के होटल बिल पर सरकार हर साल 4 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। - इनके लिए अकेले घाटी में ही 500 होटल के कमरे रखे जाते हैं। - हर साल औसतन 5.2 करोड़ रुपए का डीजल खर्च हो रहे हैं। 2010 से 26.43 करोड़ सरकारी रकम ईंधन में बह चुकी है। - कश्मीर के अलगाववादियों पर हो रहे खर्च का ज्यादातर हिस्सा केंद्र सरकार उठाती रही है। 90 फीसदी हिस्सा केंद्र तो जम्मू-कश्मीर सरकार सिर्फ 10 फीसदी खर्चा ही उठाती है। - पांच साल में 309 करोड़ तो सिर्फ अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा में लगे जवानों पर खर्च किए गए। - साल 2010 से 2016 तक 150 करोड़ रुपए PSO यानि निजी सुरक्षा गार्ड के वेतन पर खर्च हुए। - पांच साल में इन पर 506 करोड़ का खर्चा आया है जो कि जम्मू-कश्मीर के स्टेट बजट से भी ज्यादा है। बता दें कि सूबे का बजट 484.42 करोड़ है।