पैलेट गन की जगह लेगा मिर्ची बम

नई दिल्ली (25 अगस्त): सेना द्वारा कश्मीर में प्रदर्शनों के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सरकार पैलेट गन की जगह चिली ग्रेनेड्स और पेपर (काली मिर्च) का इस्तेमाल करेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सप्ताह ही इसका प्रयोग किया जा सकता है।

हाल ही में कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से काफी लोगों की आंशिक या पूरी तरह से आंखों की रोशनी चली गई थी। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इसकी जगह पर किसी दूसरे हथियार के बारे में सुरक्षा बलों को देने की बात कही। बताया जा रहा है कि मिर्ची बम से भीड़ को बिना ज्यादा नुकसान के आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।

क्या होता है मिर्ची बम...

 

- पेपर गन में मिर्ची से भरी गोलियां होती हैं जिनसे आंख, नाक और गला प्रभावित होता है। - जैसा कि नाम से स्पष्ट है चिली ग्रेनेड में पूर्वोत्तर में पाई जाने वाली दुनिया की सबसे तीखी मिर्च भुत जोलोकिया के पाउडर का इस्तेमाल होता है।