News

घाटी में अब इस एजेंडे पर काम करेगी मोदी सरकार

नई दिल्ली (30 मई): कश्मीर घाटी में आने वाले कुछ समय में बड़े अभियान की शुरुआत हो सकती है। मोदी सरकार का दावा है कि वो कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद इसका ऐलान किया है। ये कब और कैसे होगा, इसको लेकर सरकार चुप है। लेकिन गृहमंत्री के छोटे इशारे से कश्मीर को लेकर सरकार का बड़ा एजेंडा साफ हो गया है।

सूत्रों की मानें तो पहला जोर अलगाववादियों के संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस को तस्वीर से पूरी तरफ बाहर करने पर है। दरअसल अलगाववादियों को आतंकियों से ताकत मिलती है। इसलिए हाल के दिनों में दहशतगर्दों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। सालों बाद घर-घर तलाशी अभियान शुरू किया गया। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद सब्ज़ार भट्ट ने हिज्बुल की कमान संभाली थी, अब उसे भी मार गिराया गया है।

भट्ट के बाद रियाज़ नायकु ने हिज्बुल की कमान संभाली है वो भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। अब तक ऐसा माना जाता रहा है कि घाटी में अलगाववादियों की राजनीतिक नुमाइंदगी पीडीपी करती रही है। पीडीपी बार-बार उनसे बातचीत की दुहाई देती रही है। लेकिन गौर से देखें तो अब पीडीपी के तेवर पहले जैसे नहीं रहे।

इससे साफ है कि अलगाववादियों का रसूख खत्म हो रहा है, इसलिए उसके नेता आतंकियों के जनाजे में हायतौबा

मचाने को मजबूर हैं। कश्मीर में स्थायी शांति के फॉर्मूले को लेकर कई बार सरकार ने अपनी राय साफ की है। चाहे रक्षा मंत्री अरुण जेटली हों या गृहमंत्री राजनाथ सिंह या फिर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत।

सरकार और सेना बार-बार कहती रही है कि घाटी में हिंसा दक्षिणी कश्मीर के सिर्फ 3 से 4 जिलों तक ही सीमित है। अब सरकार का प्लान इऩ जिलों में सेना को खुली छूट देने का है। जिससे आतंक का जड़ से खात्मा हो सके। वहीं इसके साथ ही दूसरी तरफ आम लोगों का भरोसा जीतने के लिए बड़े कदम उठाए जाने की तैयारी है।

इसके तहत हिंसा प्रभावित इलाकों में लोगों के फायदे की सरकारी योजनाओं पर पूरी शिद्दत से अमल कराने की तैयारी है। साथ ही रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए पुलिस और सेना की भर्तियां बढ़ाई जाएंगी और पर्यटन उद्योग को नए सिरे से संवारा जाएगा।

इसके साथ ही केंद्र एक ऐसे सियासी चेहरे की तलाश में है, जो पूरी तरह घाटी के आम लोगों की नुमाइंदगी करता हो। जिस पर सरकार को भी भरोसा हो और आम लोगों को भी। जो पूरी तरह उदारवादी हो। मोदी सरकार की पूरी कोशिश है कि दो साल के भीतर कश्मीर में स्थायी शांति का माहौल बन जाए। यहां से आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाए और 2019 में कश्मीर की नई पहचान सामने आए।


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram .

Tags :

Top