खुफिया एजेंसियों के रडार पर कश्मीर का ISIS कनेक्शन

नई दिल्ली (7 मई):  हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में तनाव जारी है। पाकिस्तान के इशारे और फंडिंग पर यहां कुछ लोग सेना पर पत्थरबाजी कर रहे हैं। इन सबके बीच आशंका जताई जा रही है कि आतंकी संगठन ISIS भी यहां अपने पांव पसारने की तैयारी में है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पिछले छह महीने में कुछ युवकों ने इराक और सीरिया में संदिग्ध आतंकवादियों के साथ अपने संपर्क बढ़ाए हैं। संपर्क स्थापित करने में इंटरनेट की अहम भूमिका रही है। सुरक्षा प्रतिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि घाटी के कुछ छोटे इलाके के युवक सीरिया और इराक में एक-दो आतंकवादियों से संपर्क करने के प्रयास में हैं।


पिछले महीने पुलवामा में हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी की कब्र पर दो नकाबपोश बंदूकधारी दिखे। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से तालिबान और ISIS द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने और पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने और उसका समर्थन करने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि तीन मिनट से ज्यादा समय तक भड़काऊ भाषण दिए जिसमें उन्होंने पूरी तरह इस्लामीकरण और शरीयत को कानून बनाने के महत्व पर जोर दिया। आतंकवादी संगठन यूनाईटेड जिहाद काउंसिल के साथ ही हिजबुल मुजाहिदीन की स्थानीय इकाई ने घटना को तवज्जो नहीं दी। वहीं, सुरक्षा अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं।


लिहाजा खुफिया एजेंसियां अब ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है जो ISIS के संपर्क में है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी से सीरिया और इराक में इंटरनेट पर हुए संपर्क पर नजर रख रही है। बताया जा रहा है कि साल की शुरुआत में विस्तृत निगरानी प्रणाली स्थापित करने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को दोनों देशों में संदिग्ध आतंकवादियों से बातचीत करते हुए पाया गया है।