कश्मीर: बुरहान वानी ग्रुप के 11 में से 9 आतंकियों को सेना कर चुकी ढेर

नई दिल्ली (29 मई): भारतीय सेना ने कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर 10 खूंखार आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में हिजबुल का कमांडर सब्जार अहमद भी शामिल था। सब्जार वही आतंकी है जो हिजबुल के कमांडर बुरहान वानी की ग्रुप फोटो में शामिल था। जून 2015 में बुरहान वानी ने फेसबुक पर एक ग्रुप फोटो शेयर की थी। इस फोटोग्राफ में वानी को मिलाकर कुल 11 आतंकवादी थे। इन 11 आतंकियों में से 9 मारे जा चुके हैं एक ने डरकर सरेंडर कर दिया और एक अभी भी फरार है। बुरहान वानी को भी पिछले साल 8 जुलाई को सेना ने ढेर कर दिया था। बुरहान के अलावा जिन आतंकियों को मारा जा चुका है, उनके नाम आदिल, निसार पंडित, आफाक भट, अनीस, इशफाक डार, वसीम मल्ला, वसीम शाह और सब्जार भट हैं। सेना ने कड़े प्रयासों के बाद इन 9 आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। तारिक पंडित ने भी सरेंडर कर दिया था जबकि सद्दाम अभी बचा है़। इन 11 आतंकियों में से ज्यादातर दक्षिण कश्मीर के रहने वाले थे।

आतंकियों का गढ़ बना दक्षिण कश्मीर- मारा गया हिजबुल का आतंकी सब्जार भट भी दक्षिण कश्मीर का ही रहने वाला था। सब्जार दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में शनिवार को सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था। पिछले कुछ समय से दक्षिण कश्मीर आतंकियों के फलने-फूलने का अड्डा बन गया है। दक्षिण कश्मीर की जमीन स्थानीय आतंकियों के नए पौध को जन्म दे रही है, जो पूरे कश्मीर में हिंसा को फैला रहे हैं। जम्मू और कश्मीर पुलिस के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो घाटी में 282 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 112 दक्षिण कश्मीर से हैं और 112 में से 99 आतंकी स्थानीय हैं।

दक्षिण कश्मीर ‘बैटल फील्ड’ में तब्दील- जम्मू-कश्मीर में 22 जिले हैं जिसमें से कश्मीर डिवीजन में 10 जिले आते हैं इसमें से दक्षिण कश्मीर में 4 जिले आते हैं। दक्षिण कश्मीर के इन चारों जिलों पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में में पूरी तरह से अराजकता है। दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिला के कोकरनाग इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल के आतंकी बुरहान वानी मारा गया था। बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी विशेषकर दक्षिण कश्मीर में पांच महीनों तक जारी अशांति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।  हर आए दिन दक्षिण कश्मीर के इलाकों में खुलेआम घूम रहे आतंकियों की वीडियो वायरल हो रहे हैं

कश्मीर का दक्षिणी भाग बना आतंकियों के फलने-फूलने का अड्डा- घाटी में राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील माना जाने वाला दक्षिण कश्मीर का इलाका तेजी से आतंकवादियों के लिए फलने-फूलने की जगह बनता जा रहा है। कई युवक ऐसे संगठनों में शामिल हो रहे हैं या उनसे सहानुभूति रखने वालों में तब्दील हो रहे हैं। आतंकवादियों का बेहतर खुफिया नेटवर्क, स्थानीय आतंकवादियों को लोगों की मदद, स्थानीय आतंकवादियों को जनता से मिलने वाली मदद, आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में होने वाला भारी जमावड़ा और मुठभेड़ों के दौरान भी सुरक्षाबलों पर पथराव इस क्षेत्र में आए दिन होने वाली घटनाएं हो गई हैं।

बुरहान वानी ग्रुप के 11 में से 9 आतंकी मारे जा चुके-

बुरहान वानी- 22 वर्ष का बुरहान वानी त्राल के शरीफाबाद का रहने वाला था। अक्‍टूबर 2010 में वह आतंकी संगठन का हिस्‍सा बना और उस समय उसकी उम्र सिर्फ 15 वर्ष थी। वर्ष 2010 में जब उसके भाई खालिद को सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मार दिया था तब वानी आतंकी संगठन हिजबुल से जुड़ा था। 8 जुलाई 2016 को उसे मार गिराया गया।

सबजार भट- 26 वर्ष का सबजार बुरहान वानी का नजदीकी था। सबजार त्राल के राठसुना का रहने वाला था। अप्रैल 2015 में वह हिजबुल का हिस्‍सा बना था। उसे महमूद गजनवी भी कहते थे और कुछ लोग उसे 'सब का डॉन' सबजार भी कहते थे। हिजबुल के मुखिया सैय्यद सलाउद्दीन ने खुद सबजार के नाम का ऐलान एक लोकल न्यूज एजेंसी केएनएस के जरिए किया था।

वसीम मल्ला- 27 वर्ष का वसीम मल्‍ला उर्फ इनाम-उल-हक शोपियां के गांव फेलीपोरा का रहने वाला था। अक्‍टूबर 2012 में वह हिजबुल मुजाहिद्दीन का हिस्‍सा बना। सात अप्रैल 2016 में उसे मार गिराया गया था। मल्‍ला को सुरक्षा एजेंसियों ने वानी और सबजार की तरह खूंखार आतंकी माना था। 2010 में उसे पहली बार एक आईडी ब्‍लास्‍ट के सिलसिले में पहली बार गिरफ्तार किया गया था।

निसार पंडित- 29 वर्ष का नसीर अहमद पंडित पुलवाम के करीमाबाद का रहने वाला था। मार्च 2015 में वह संगठन का हिस्‍सा बना था। नसीर 2006 में जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस का कॉन्‍स्‍टेबल बना था अप्रैल 2015 में पंडित बुखारी के घर से दो राइफल लेकर फरार हो गया। बाद में उसने अपने चचेरे भाई तारिक पंडित के साथ हिजबुल ज्‍वॉइन की। अप्रैल 2016 में मल्‍ला के साथ पंडित भी मारा गया था।

इशफाक डार- 23 वर्ष का इशफाक डार, अनंतनाग के संगम का रहने वाला था। फरवरी 2015 में वह हिजबुल का सदस्‍य बना था। मई 2016 में उसे एनकाउंटर में मार गिराया गया। हमीद संगम के संपन्‍न परिवार से आता था। उसके पिता क्रिकेट बैट बनाने का बिजनेस था। इशफाक आठ मई 2016 को मारा गया था।

आफाक भट- 25 वर्ष का अफाकुल्‍ला भट भी पुलवामा के करीमाबाद का रहने वाला था। अप्रैल 2015 में वह हिजबुल का सदस्‍य बना था। वह हिजबुल का एक ऐसा चेहरा था जो हर तरह की टेक्‍नोलॉजी से वाकिफ था। एमटेक की डिग्री वाला अफाकुल्‍ला हिजबुल के ऑनलाइन ऑपरेशंस के लिए जिम्‍मेदार था। अक्‍टूबर 2015 में पुलवामा के द्राबगाम में हुए एनकाउंटर में वह मारा गया था।

आदिल अहमद - आदिल अहमद खांडे शोपियां के इमाम साहिब का रहने वाला था। वर्ष 2012 के मध्‍य वह हिजबुल का सदस्‍य बना था। 22 अक्‍टूबर 2015 को शोपियां के मनजिमपोर में हुए एनकाउंटर में उसे मार गिराया गया था। उसने एक स्‍थानीय प्राइवेट स्‍कूल में एक ड्राइवर के तौर पर काम भी किया था। कहा जाता है कि वह अक्‍सर गांववालों और पंचायत के सदस्‍यों को डरा कर रखता था।

वसीम शाह- 24 वर्ष का वसीम अहमद शाह शोपियां का रहने वाला था। नवंबर 2016 में शोपियां में हुए एक एनकाउंटर में वह मारा गया था।

अनीस- 11 की फोटो में यही आतंकी है जिसका चेहरा ढका हुआ है। अनीस जिंदा है या नहीं इसकी कोई पुख्ता सुचना नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि यह भी मारा जा चुका है।