पिछली 3 साल में जम्मू-कश्मीर में 64% बढ़ी आतंकी घटनाएं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 जून): जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी गठबंधन खत्म हो गया है। बीजेपी को आरोप हैं कि पीडीपी ने सही काम नहीं किया है, जिस कारण वह सरकार से अपना समर्थन वापस ले रही है। हालांकि महबूबा ने सरकार गिरने के बाद प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी तरह से अपना काम किया और राज्य में शांति स्थापित करने के साथ-साथ विकास कार्यों पर जोर दिया।हालांकि प्रदेश में आतंकी घटनाओं का सिलसिला कोई नया नहीं है। पिछले 28 सालों में जम्मू-कश्मीर में 70 हजार से ज्यादा आतंकी हमले हुए हैं, जिसमें 22143 आतंकी मारे गए। इन हमलों में 13976 नागरिक और 5123 सैनिक भी शहीद हुए। वैसे यह आंकड़ा बहुत बड़ा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के दौरान आतंकी घटनाओं में करीब 64% की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।जम्मू-कश्मीर में तीन साल तक चले बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के दौरान 2017 के आखिर तक 800 आतंकी मारे गए।जम्मू-कश्मीर में तीन साल तक चले बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के दौरान 201 सुरक्षाबलों के जवान और 72 आम नागरिकों की मौत हुई।इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में तीन साल तक चले बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के दौरान सुरक्षाबलों के जवान और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में 53% का इजाफा हुआ। यह आंकड़े मई 2018 तक के हैं।इन तीन सालों में करीब 247 एनकाउंटर हुए जिसमें 439 आतंकी (156 कश्मीरी) और 200 सुरक्षाबल के जवान (109 सैनिका) मारे गए।जम्मू-कश्मीर में 1995 से 2017 तक आतंकी घटनाएं-प्रदेश में 1995 में सबसे ज्यादा आतंकी घटनाएं (5,938) हुई, जिसमें 1,332 आतंकी मारे गए। इसी के साथ 1,031 नागरिक और 237 सुरक्षाबल के जवान शहीद हुए।साल 2001 में राज्य में 2,020 आतंकी मारे गए जबकि सुरक्षाबल के जवान (536) भी इस साल सबसे ज्यादा शहीद हुए।