हामिद करजई का पाक पर बड़ा हमला, बर्दाश्त नहीं होती भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती

नई दिल्ली(17 जून): अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान पर बड़ा हमला करते हुए बोला है कि पाकिस्तान कभी भी भारत और अफगानिस्तान के बीच दोस्ताना रिश्ते बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारत ही वो देश है जो अफगानिस्तान को नए सिरे से बनाने में उसकी मदद कर रहा है। 

 उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बिल्कुल नहीं चाहता कि सेंट्रल एशिया में भारत और अफगानिस्तान के बीच कारोबारी रिश्ते बनें। भारत खुद भी गरीब देश है लेकिन इसके बावजूद वह हमारी फाइनेंशियल तौर पर हर जायज मदद कर रहा है। भारत ही अफगानिस्तान का सच्चा दोस्त है और हम चाहते हैं कि पाकिस्तान भी यही करे। पाकिस्तान भी रीजनल कोएलिशन का हिस्सा है। इसमें अफगानिस्तान, भारत और ईरान शामिल हैं। लेकिन पाकिस्तान ये कतई नहीं चाहता कि हमारे भारत से बेहतर रिश्ते हों। अगर ये मुद्दा सुलझ जाता है तो पाकिस्तान भी तेजी से विकास कर सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान को बांटने वाली डूरंड लाइन को करजई ने ब्रिटिश राजशाही की चाल बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों ही इसे नहीं मानते और न आगे मानेंगे। पाकिस्तान 1947 में बना। इसलिए उन्होंने उस वक्त उसे मान लिया था। इसमें उनका भी कसूर नहीं है। लेकिन इस मुद्दे पर हम कोई जंग भी नहीं लड़ सकते।

अफगानिस्तान एक संप्रभू देश है। हम किसी के ऑर्डर पर काम नहीं करेंगे। पाकिस्तान डूरंड लाइन को लेकर जो रुख अपनाता है, उससे हमारे देश में बहुत गुस्सा है। इस मसले पर यूएन जाने का कोई मतलब नहीं है। इसे दोनों देशों को ही सुलझाना होगा। करजई ने आगे कहा कि टेरेरिज्म हमारे लिए कलंक की तरह है। इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ही परेशान हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि आतंकियों को पाकिस्तान में पनाह और मदद मिलती है। अगर ये बंद हो जाए तो पाकिस्तान में भी अमन बहाल हो सकेगा। आतंकवाद से दोनों देशों को मिलकर निपटना चाहिए। इससे शांति आएगी और विकास होगा। पाकिस्तान हमें संप्रभू देश माने। वह हमें यह सिखाना बंद करे कि हम भारत से कैसे रिश्ते रखें। क्योंकि हम इस तरह की किसी बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।