बन रहे हैं कई शुभ योग, करवाचौथ करने से मिलेगा 100 व्रतों का वरदान

नई दिल्ली ( 19 अक्टूबर ) : अखण्ड सौभाग्य की कामना का महापर्व करवाचौथ बुधवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्रियों का मानना है की 2016 में करवाचौथ का व्रत रखने से 100 व्रतों का वरदान प्राप्त होगा। न केवल पति की उम्र लंबी होगी, बल्कि संतान सुख भी प्राप्त होगा।

ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्थी को चंद्रोदय व्यापिनी करवा चन्द्रमा अपने स्वनक्षत्र रोहिणी में रहेगा। कथा के अनुसार चन्द्रमा की 27 पत्नियां है जिसमें सबसे परमप्रिय पत्नी रोहिणी हैं। करवा चौथ के दिन रोहिणी नक्षत्र होने से यह पर्व विशेष फलदायक रहेगा। चन्द्रमा अपनी सर्वोच्च राशि वृषभ के 12 अंश पर होगा। ऐसे शुभ समय में सुहागिनों की अखण्ड सुहाग की कामना शीघ्र पूर्ण होगी।

 इस वर्ष, यह व्रत विशेष रूप से फलदायी होगा, क्योंकि 100 साल बाद करवाचौथ का महासंयोग बना है। रोहिणी नक्षत्र, बुधवार, सर्वार्थ सिद्धि योग एवं गणेश चतुर्थी का संयोग इसी दिन है जो ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत अच्छा माना जाता है। शास्त्रों में चन्द्रमा को अमृत कारक गृह बताया गया है, जिसके कारण महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य मिलेगा। विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना से इस व्रत को करेगी, वहीं कुंवारी कन्याएं उत्तम पति की प्राप्ति हेतु इस व्रत को करती है।

भारतीय सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिन महिलाओं का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। इस दिन चंद्रोदय व्यापिनी मनाया जाता है। इस पर्व पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर व सोलह श्रृंगार कर अपने पति की पूजा कर व्रत पूरा करती हैं। सुहागिन या पतिव्रता स्त्रियों के लिए करवा चौथ बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है।

 स्त्रियां पति की दीर्घायु के लिए इस निर्जला व्रत को करती हैं। यह व्रत अलग-अलग क्षेत्रों में वहां की प्रचलित मान्यताओं के अनुरूप रखा जाता है। करवा चौथ के दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत करके शाम को चन्द्रमा की पूजा करें। इसके बाद गणेश, शिव, पार्वती का पूजन अर्चन करके अपने पति का पूजन करें। अंत में आरती करके पति के साथ चन्द्रमा का दर्शन करें और पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का समापन करें।