पीएम मोदी के कहने पर ये महिला US से आई इंडिया, जानें क्यों...

नई दिल्ली (1 अक्टूबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के निए करुणा गोपाल ने विदेश को छोड़कर देश के लिए काम करने का फैसला लिया। करुणा जब करुणा 14 साल की थीं, तब उन्हें कार्डियक अटैक हुआ था। क्लिनिकली उन्हें मृत मान लिया गया था, लेकिन वे फिर जी उठीं।

इसके बाद पढ़ाई पूरी कर वे एनआईआईटी में बतौर फैकल्टी पढ़ाने लगीं, साथ ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम भी करने लगीं। इनकी 1991 में गोपालकृष्ण से शादी हो गई।

जानिए क्यों इन्हें बुलाया था अमेरिका से इंडिया... - करुणा देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना की प्रमुख सलाहकार हैं। - खुद पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन्हें भारत आकर इस कार्य के लिए इनवाइट किया। - करुणा ने घर से ही काम शुरू किया। 1990 के दशक में उनके साथ वर्चुअल टीम थी। - यहीं से करुणा के जीवन में बदलाव आया। वे एडवाइजर के रूप में काम करने लगीं। - चूंकि अमेरिका से फैलोशिप ली थी तो उन्हें अमेरिका, सिंगापुर और वियतनाम आदि देशों से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट डिजाइन के प्रस्ताव आए और वे काम करने लगीं। - अपने इस काम की वजह से वे वेंकैया नायडू के कॉन्टैक्ट में आईं और विदेशों का काम देखकर देश में स्मार्ट सिटी के लिए काम करने का प्रस्ताव मिला। - उन्होंने ही देश का स्मार्ट सिटी मिशन डिजाइन किया है। प्रधानमंत्री ने करुणा गोपाल को इस मिशन लॉन्च पर आमंत्रित किया था। वे मसूरी में आईएएस अकादमी में भी पढ़ाती हैं।