मोहाली टेस्ट में डेब्यू करने वाले करुण नायर के बारे मे जानिए 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली(26 नवंबर): इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली टेस्ट में टीम इंडिया ने ओपनर लोकेश राहुल की जगह करुण नायर को जगह दी। कर्नाटक के इस बल्लेबाज को टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिला। बता दें नायर ने इसी साल जिम्बाब्वे के‍ खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वन-डे डेब्यू भी किया था।

महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने नायर को टेस्ट कैप प्रदान की। रणजी ट्रॉफी फाइनल में सर्वाधिक रनों की पारी खेलने का रिकॉर्ड बनाने वाले करुण नायर के बारे में जानिए 10 बातें...

- करुण का जन्म 6 दिसंबर 1991 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ, लेकिन वे घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं।

- इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने लिस्ट ए मैचों में डेब्यू 2012 में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए किया।

- करुण के लिए 2013-14 रणजी सत्र बहुत अच्छा रहा और उन्होंने 6 मैचों में 61.75 की औसत से 494 रन बनाए। इसमें तीन शतक शामिल थे। उन्होंने कर्नाटक का रणजी ट्रॉफी खिताब का 15 साल का सूखा समाप्त किया।

- करुण को 2012 में आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर ने अनुबंधि किया। वैसे उन्हें मात्र दो मैच खेलने को मिले।

- 2014 आईपीएल में उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने अनुबंधित किया। उन्हें 75 लाख में खरीदा गया। उन्होंने 11 मैचों में 142.24 के स्ट्राइक रेट से 330 रन बनाए। राष्ट्रीय पटल पर उनकी चमक दिखाई दी।

- करुण ने 2014-15 रणजी सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। सिर्फ 1 शतक और 1 फिफ्टी के बावजूद उन्होंने 47.26 की औसत से 700 से ज्यादा रन बनाए।

- नायर ने 2014-15 रणजी सत्र के फाइनल में रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ 328 रनों की पारी खेली और रणजी ट्रॉफी इतिहास में फाइनल में सर्वाधिक रनों की पारी खेलने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने गुल मोहम्मद का 319 रनों का 1946-47 का रिकॉर्ड तोड़ा।

- नायर अपने विकास का श्रेय राहुल द्रविड़ को देते हैं। उनके अनुसार वे भाग्यशाली रहे कि उन्हें राहुल सर से क्रिकेट की बारीकियां सीखने का मौका मिला। वे अभी तक 37 प्रथम श्रेणी मैचों में 52.68 की औसत से 2845 रन बना चुके हैं।

- नायर 2016 के आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने तीन अर्द्धशतक लगाए।

- नायर को इसी वर्ष हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वन-डे डेब्यू करने का मौका मिला। उन्होंने 11 जून 2016 को वन-डे डेब्यू किया।