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करतारपुर में बोले इमरान, भारत-पाक में जंग नहीं हो सकती

भारत के बाद आज पाकिस्तान ने सीमा के करीब स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर साहिब कॉरिडोर का शिलान्यास किया है। भारत की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कॉरिडोर का शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप पुरी ने अटारी-वाघा सीमा को पार किया और वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 नवंबर): भारत के बाद आज पाकिस्तान ने सीमा के करीब स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर साहिब कॉरिडोर का शिलान्यास किया है। भारत की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कॉरिडोर का शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप पुरी ने अटारी-वाघा सीमा को पार किया और वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कार्यक्रम में कहा कि मैंने जो सिख समुदाय में खुशी देखी वो अगर मैं मुसलमान को समझाऊं कि जैसे मुस्लिम मदीना से 4KM दूर खड़े हैं और वो उसपार जा नहीं पाए, लेकिन अब ये सपना पूरा हुआ है, इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। अगले साल जब आप यहां आएंगे तो आपको खुशी होगी।

इमरान ने कहा कि मुझे इनका क्रिकेट और कमेंट्री याद है, लेकिन वो सूफी कलाम में इतने महारथी हैं वो जानकार काफी हैरान हूं। उन्होंने कहा कि मैंने 21 साल क्रिकेट खेली और 22 साल सियासत की. क्रिकेट के समय में मैं दो तरह के खिलाड़ियों से मिला, एक वो था जो हमेशा मैदान पर हारने से डरता था इसलिए वो कोई रिस्क नहीं लेता था और वो दूसरा खिलाड़ी हमेशा जीतने की सोचता था, हारने से नहीं डरता था और हमेशा दूसरा खिलाड़ी ही चैंपियन बनता था, हारने से डरने वाला खिलाड़ी कभी बड़ा नहीं बनता।

इमरान खान ने कहा कि जब मैं सियासत में आया तो ऐसे लोग से मिला जो बस अपने लिए ही काम करते थे, आवाम को भूल जाते थे। एक दूसरे किस्म का राजनेता है तो नफरतों के नाम पर नहीं बल्कि काम के नाम पर राजनीति करता था। उन्होंने कहा कि आज जहां पाकिस्तान-हिंदुस्तान खड़ा है, 70 साल से ऐसा ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ गलतियां हुईं लेकिन हम जबतक आगे नहीं बढ़ेंगे तो जंजीर नहीं टूटेगी।

उन्होंने कहा कि हम एक कदम आगे बढ़कर दो कदम पीछे हट जाते हैं, ये ताकत नहीं आई है कि कुछ भी हो हम रिश्ते ठीक करेंगे। अगर फ्रांस-जर्मनी एक साथ आ सकते हैं, तो फिर पाकिस्तान-हिंदुस्तान भी ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने भी एक-दूसरे के लोग मारे हैं, लेकिन फिर भी सब भूला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमेशा कहा जाता था कि पाकिस्तान की फौज दोस्ती नहीं होने देगी, लेकिन आज हमारी पार्टी-पीएम-फौज एक साथ हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा मसला सिर्फ कश्मीर का है, इंसान चांद पर पहुंच चुका है लेकिन हम एक मसला हल नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये मसला जरूर हल हो जाएगा, इसके लिए पक्का फैसला जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर हिंदुस्तान एक कदम आगे बढ़ाएगा तो हम दो कदम आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि जब पिछली बार सिद्धू वापस गए तो इनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन एक इंसान जो शांति का पैगाम लेकर आया है वो क्या जुर्म कर रहा है। हमारे दोनों के पास एटमी हथियार है, तो इनके बीच जंग हो ही नहीं सकती है। दोनों देशों के बीच जंग का सोचना पागलपन है।

उन्होंने कहा कि अगर सिद्धू पाकिस्तान में चुनाव लड़ लें तो वो जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सिद्धू के प्रधानमंत्री बनने का इंतजार ना करना पड़े। हम चाहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच में अमन हो।

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