एक और 'मांझी': पानी के लिए मां को परेशान होते नहीं देख सका, खोद डाला कुआं

नई दिल्ली (6 मई): आपने दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित पिछले साल आई फिल्म मांझी जरूर देखी होगी। यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित थी। जिसमें दशरथ अपनी पत्नी को खोने के बाद उसकी मौत के लिए जिम्मेदार एक पहाड़ को अकेले तोड़कर बीच से रास्ता बनाता है। 

कुछ ऐसा ही मिलता जुलता मामला कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले से सामने आया है। सागर तहसील के शेट्टीसारा गांव के रहने वाले किशोर पवन नाम के एक लड़के ने कुछ ऐसा ही अपनी मां के लिए कर दिखाया है। वह हर शाम अपनी मां को पानी के लिए संघर्ष करता नहीं देख सका। इसके लिए उसने अपने घर के पीछे कुआं खोदने की ठान ली। कुछ ही महीनों के भीतर अकेले ही 52 फीट गहरा कुआं खोदकर कम उम्र में अपने चट्टानी इरादों से सभी को चौंका दिया।

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के मलनाडु क्षेत्र की एक खासियत है। यहां लगभग हर घर के पास अपना एक कुआं है। पवन का परिवार बेहद गरीब है और उसके पास इतना पैसा नहीं है कि वे अपने लिए कुआं खुदवा सकें। पवन की मां नेत्रावती दिनभर एक काम करने के बाद जब शाम को घर लौटती तो उसे चैन की सांस भी नहीं मिलती।

मां के लिए कुंआ खोदकर सराहनीय काम करने वाले छात्र पवन ने कहा, "मां को खाली घड़ा लेकर जाते और घड़े में पानी भरकर सिर पर उठाकर लाते देखता था तो मुझे बेहद दु:ख होता था। मुझे अब इस बात की खुशी है कि अब मेरी मां को फिर पानी के लिए मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा।"