पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला- कौन सा पंजा 1 रुपये को 15 पैसे में बदल देता है

बेंग्लुरु(29 अक्टूबर): पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को एक दिन के कर्नाटक दौरे पर हैं। वे बीदर-कलबुर्गी नई रेलवे लाइन का इनॉगरेशन करेंगे। इससे पहले मोदी ने मंजूनाथ स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। मोदी ने कहा कि अगर इरादा हो तो रुकावटें भी तेज गति से काम करने की प्रेरणा देती हैं। खुद को तीसमार खां मानने वाले लोग सदन में नई योजनाओं पर केवल चिंता ही जताते रहे।

- मोदी ने कर्नाटक में कहा, ''मेरा सौभाग्य है कि आज भगवान मंजूनाथ के साथ आप सबके दर्शन का मौका मिला। पिछले हफ्ते में केदारनाथ धाम में था। आज दक्षिण के इस प्रसिद्ध मंजिर में आया हूं। सवा सौ करोड़ देशवासियों ने जिस पद पर मुझे आपने बैठाया है, इससे मैं खुद को बड़ा भाग्यशाली मानता हूं।"

- "मैं जब-जब भी डॉक्टर वीरेंद्र हेगड़े जी से मिला। कभी उनके चेहरे पर काम का बोझ नजर नहीं आता। जब मैं उनका सम्मान कर रहा था तो उन्होंने कहा कि ये 50 साल पूरे हुए इसकी खुशी नहीं हैं। आप तो मुझसे आगे 50 साल भी ऐसे ही काम करूं इसकी गारंटी मांग रहे हो। किसी के लिए भी 'मैं नहीं तू भी' की कसौटी पर जीना बड़ी साधना है। 50 साल की ये साधना एक प्रेरणा का स्त्रोत है। मैं आपका अभिनंदन करता हूं।"

- "आज दुनिया के हर कोने में स्किल डेवलपमेंट की चर्चा होती है। भारत में लाखों लोग 35 साल के कम उम्र के हैं। स्किल डेवलपमेंट से हम दुनिया की जरूरतों को पूरा करेंगे। डॉ. हेगड़े जी ने इस काम को सालों पहले शुरू कर दिया था।"

- "हमारे तीर्थ कैसे होने चाहिए। जिस तरह से इसका विकास होना चाहिए था, वो नहीं हुआ। मैं देश-दुनिया की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियों को इन्विटेशन देता हूं कि जैसे हम हॉस्पिटल, इंस्टीट्यूट्स की रैंकिंग करते हैं। वैसे ही धर्मस्थल और सैकड़ों साल पुरानी विरासतों की स्टडी करें।" खुद को तीसमार खां मानने वाले सदन में केवल चिंता जताते हैं

- मोदी ने कहा, "हमारे यहां खुद को तीसमार खां मानने वाले लोग सदन में बोलते थे कि इंडिया डिजिटल कैसे बनेगा, लोगों के पास फोन नहीं हैं, एटीएम कार्ड नहीं है। लेकिन आज डॉ. हेगड़े जी ने लोगों को जवाब दे दिया है। यहां के 12 लाख लोगों ने संकल्प किया है कि वे अपना कारोबार कैशलेस करेंगे। रुपे कार्ड और भीमऐप से करेंगे, ये हेगड़े जी ने कर दिखाया है।"

- "अब डिजिटल करंसी का युग शुरू हो गया है, मैंने देखा है कि ज्यादा कैश समाजिक बुराइयों को खींच कर ले आता है। परिवार में भी लोग देखते हैं कि बच्चों को ज्यादा कैश नहीं होना चाहिए, नहीं तो वो रास्ता भटक जाते हैं। आज जिस दिशा में हेगड़े जी हमें ले जा रहे हैं, वो एक तरह से महा मार्ग है।"