कांग्रेस का कोई नेता नहीं बनना चाहता कर्नाटक का गृहमंत्री, जानिए- क्‍यों

बेंगलुरु (27 जून):  राजनीतिक पार्टियों को सत्ता में आने और कुर्सी के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। पार्टी अगर सत्‍ता में हो तो दमदार मंत्रालय के लिए भी कई नेता अपनी दावेदारी पेश करते हैं। लेकिन कर्नाटक में इन दिनों स्थिति बिल्‍कुल विपरीत नजर आ रही है। कर्नाटक के गृहमंत्री परमेश्‍वर ने अपना इस्‍तीफा राज्‍यपाल वजूभाई रुदाभाई को सौंप दिया है।


जिसे उन्‍होंने स्‍वीकार भी कर लिया है। इसी बीच खबर आ रही है कि पार्टी का कोई दूसरा नेता भी गृहमंत्री नहीं बनना चाहता। हालांकि मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया ने खाली मंत्री पदों को भरने के लिए मंत्रिमंडल के विस्‍तार के संकेत दिए हैं। दरअसल, पार्टी के बड़े नेता इस समय दूर की सोच कर चल रहे हैं। कर्नाटक में अगले साल (2018) में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में गृहमंत्री की कुर्सी काफी रिस्‍की नजर आ रही है।


खबरों के मुताबिक चुनाव के दौरान यकीनन गृहमंत्री पर पार्टी को जीत दिलाने का पूरा भार होगा, लेकिन कोई नेता इस जिम्‍मेदारी को उठाने में रुचि नहीं दिखा रहा है। कांग्रेस 2018 के विधानसभा चुनाव में मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्‍व में ही लड़ने जा रही है।


जानकारों की मानें तो सिद्धारमैया मंत्री पदों के फेरबदल के बारे में सोच रहे हैं। लेकिन ज्‍यादा मंत्री अपने मंत्रालय को छोड़ने के मूड में नहीं हैं। अब देखना है कि सिद्धरमैया खाली मंत्री पदों को भरने के लिए कौन सी नई योजना बनाते हैं। वैसे सुनने में आ रहा है कि अगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब जातिगत समीकरणों के आधार पर मंत्रियों को चुनने के बारे में मुख्‍यमंत्री विचार कर रहे हैं।