इस राज्य के लोगों को मिलेगा प्राइवेट जॉब में 100% आरक्षण!

नई दिल्ली ( 22 दिसंबर ): कर्नाटक सरकार ने राज्य के प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय निवासियों के लिए 100 फीसद रिजर्वेशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। राज्य के श्रम विभाग ने 1961 के कर्नाटक औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) के नियमों में संशोधन कर मसौदा जारी किया है।

कन्नड़ निवासियों के लिए यह 100 फीसद रिजर्वेशन कोटा इंफोटेक और बायोटेक सेक्टर को छोड़ उन सभी प्राइवेट इंडस्ट्री में लागू होंगे, जिसे कर्नाटक सरकार की इंडस्ट्रीयल पॉलिसी के तहत छूट मिल रही है। यदि इनमें से कोई कंपनी नई गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करती है तो उन्हें पहले से दी गई छूट खत्म कर दी जाएगी। जानकारी ये मुताबिक यह कोटा ब्लू कॉलर जॉब यानी कामगार श्रेणी के लिए होगा।

लॉ डिपार्टमेंट की ओर से इन संशोधनों को मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। कर्नाटक के श्रम मंत्री संतोष लड ने बताया, 'हम यह नहीं कहते कि अगर नौकरी के लिए किसी कन्नड़ भाषी ने आवेदन न किया हो तो भी उन्हीं के लिए नौकरी रखी जाए। लेकिन कर्नाटक में किसी नौकरी के लिए पहला ऑप्शन कन्नड़ निवासी होंगे।

विभाग की ओर से उन दिव्यांगों को 5 फीसद का आरक्षण उपलब्ध कराया गया है जो कर्नाटक निवासी हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी व बाॅयोटेक्नोलॉजी को छूट दे दी गयी है, क्योंकि ये 2014 से पांच साल की अवधि के लिए 1961 के कर्नाटक औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) के नियमों के तहत नहीं आते हैं। संशोधन के लिए श्रम विभाग ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से भी सहमति प्राप्त की।

इस पर राजनीतिज्ञों की राय...

अशोक खेनी ( कर्नाटक विधायक )

निजी कपंनियां दूसरे राज्यों से लेबर आ रही हैं और अच्छी सैलरी नहीं दे रही हैं।

वे इन लोगों का फायदा उठा रहे हैं।

ब्लू कॉलर जॉब के लिए निजी कंपनियों में 100% आरक्षण का अच्छा प्रस्ताव है।

इसमें कुछ गलत नहीं है।

थेमे रत्नाकर ( कांग्रेस )

यह एक योजना बन रही है, अभी इसे लागू नहीं किया जा रहा है।

इसके कार्यान्वयन के समय ठीक से विचार विमर्श किया जाएगा।

हम संविधान और कानून के खिलाफ नहीं जा सकते।

सुरेश कुमार ( भाजपा)मझे लगता है कि इसका स्थानीय लोग जवाब देंगे।वे समान अधिकार की बात कर रहे हैं।उद्योगपति हमारी जमनी ले रहे हैं और कर्नाटक के लोगों का शोषण कर रहे हैं।मुझे लगता है कि अन्य राज्यों ने भी इसके प्रयास किए हैं, लेकिन इसे अनुमोदित नहीं किया है।