कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार को आज दोपहर तक करना होगा बहुमत साबित, गुरुवार रात विधानसभा में सोए बीजेपी नेता

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के जे श्रीवस्तन, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 जुलाई): कर्नाटक में पिछले कई हफ्तों से जारी सियासी घमासान पर आज ब्रेक लग सकता है। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की कुमारस्वामी सरकार को आज विधानसभा में बहुमत साबित करना है।  राज्यपाल वजुभाई वाला ने विधानसभा अध्यक्ष  रमेश कुमार को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल ने कहा कि 15 सत्तारूढ़ विधायकों के इस्तीफे और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से ‘प्रथमदृष्या' लगता है कि सदन में कुमारस्वामी ने विश्वास खो दिया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस के एक वर्ग के बागी होने की पृष्ठभूमि में कुमारस्वामी ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। राज्यपाल ने सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित होने को ध्यान में रखते हुए समय सीमा दी। गुरुवार को वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को लिखे एक पत्र में कहा, 'मुझे सूचित किया गया है कि सदन की कार्यवाही आज (गुरुवार को) स्थगित हो गई है। इन परिस्थितियों में मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप सदन में कल (शुक्रवार) अपराह्न डेढ बजे तक या इससे पहले बहुमत साबित करें।'

एक तरफ कुमारस्वामी की सरकार पर संकट के बादल हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी फ्लोर टेस्ट कराने पर अड़ी है। जिसके बाद बीएस येदियुरप्पा ने ऐलान किया था कि सभी बीजेपी विधायक जबतक फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तबतक सदन में ही रुकेंगे और ऐसा ही हुआ।बीजेपी विधायकों का सोना, डिनर औ फिर शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक भी सदन में ही हुआ।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस सरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करने जा रही है। फ्लोर टेस्ट से पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने कहा कि हम 101 फीसदी आश्वस्त हैं। उनकी संख्या 100 से कम है और हम 105 हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी हार होगी। फ्लोर टेस्ट के दौरान बसपा विधायक एन महेश सदन में मौजूद नहीं हैं। फ्लोर टेस्ट के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में कहा कि मैं सिर्फ इसलिए यहां नहीं आया हूं क्योंकि इस पर सवाल है कि मैं गठबंधन सरकार चला सकता हूं या नहीं। घटनाओं से पता चला है कि कुछ विधायकों द्वारा भी अध्यक्ष की भूमिका को खतरे में डाल दिया गया है। 

वहीं, विश्वासमत से पहले बुधवार को जेडीएस-कांग्रेस सरकार का भविष्य अधर में लटकता दिखा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि कांग्रेस-जदएस के बागी 15 विधायकों को जारी विधानसभा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कांग्रेस के बागी विधायक बी सी पाटिल ने मीडिया को जारी एक वीडियो में कहा, हम माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय से खुश हैं, हम उसका सम्मान करते हैं। पाटिल के साथ कांग्रेस-जदएस के 11 अन्य विधायक भी थे जिन्होंने इस्तीफा दिया है। पाटिल ने कहा, ''हम सभी साथ हैं और हमने जो भी निर्णय किया है...किसी भी कीमत पर (इस्तीफों पर) पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। हम अपने निर्णय पर कायम हैं। विधानसभा जाने का कोई सवाल नहीं है।