कर्नाटक में नया नाटकः ट्रस्ट मोशन पर चर्चा के दौरान हंगामा, सदन स्थगित BJP का सौंध में धरना शुरू

न्यूज 24 ब्यूरो नई दिल्ली (18 जुलाई): कर्नाटक में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की सुबह सदन शुरू होते ही मुख्य मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया और उस पर चर्चा का आग्रह किया। चर्चा शुरू होते ही सदन में हंगामा होने लगा। दिन भर यह स्थिति कई बार बनी। स्पीकर सदन स्थगित दोबारा आहूत की। इसबार भी सत्ता पक्ष की सीटों से सदन से गायब सदस्यों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया गया। सत्ता पक्ष की ओर से विश्वास प्रस्ताव की चर्चा को लंबा खींचने का प्रयास करता देख राज्यपाल ने अपने प्रतिनिधि को विधानसभा की कार्यवाही पर नजर रखने को भेजा साथ ही स्पीकर से कहा कि विश्वास प्रस्ताव पर गुरूवार को ही वोटिंग करवाई जाये। राज्यपाल के हस्तक्षेप का कांग्रेस के सदस्यों ने विरोध किया। इसी हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे तक स्थगित कर दिया। स्पीकर के इस कदम का बीजेपी के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया और सदन में ही धरने पर बैठ गये। बीजेपी के सदस्यों ने कहा है कि जब तक सदन दोबारा आहूत नहीं किया जाता है तब तक वो सदन में ही धरना देते रहेंगे।

इससे पहले कर्नाटक विधानसभा में विश्वासमत पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक और मंत्री डीके शिवकुमार ने हाथ में कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा, '8 विधायक थे, जिन्होंने एक साथ यात्रा की थी, यहाँ उनमें से एक (श्रीमंत पाटिल) की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वह स्ट्रेचर पर लेटे पड़े हैं, ये लोग कहाँ हैं? मैं अध्यक्ष से अपने विधायकों की सुरक्षा करने का आग्रह करता हूं।' शिवकुमार के इस बयान के बाद विधानसभा में जबकर हंगामा हुआ।

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, 'अगर हम विश्वास प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ते हैं, अगर व्हिप लागू होता है और वे (बागी विधायक) सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण सदन में नहीं आते हैं, तो यह गठबंधन सरकार के लिए एक बड़ा नुकसान होगा। जब तक हमें सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश पर स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता, तब तक इस सत्र में फ्लोर टेस्ट लेना उचित नहीं है।विश्वासमत प्रस्ताव की बहस के दौरान कर्नाटक के स्पीकर बोले- 'यदि आप सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उत्तरदाताओं में से एक के रूप में खुद को प्रत्यारोपित करने की मंशा रखते हैं, तो आप ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। जब कोई सदस्य नहीं आना चाहता है, तो हमारे परिचारक उन्हें उपस्थिति के रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की अनुमति नहीं देंगे। संबंधित सदस्य सदन में उपस्थित होने के लिए तैयार किए जाने वाले किसी भी नियम में भाग लेने का हकदार नहीं होगा।जो विधायक सदन में उपस्थित नहीं हैं वो सारे कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन वाली सरकार के हैं। जो विधायक सदन में उपस्थित नहीं रहे उनमें  बैराठी बसवराज, मुनिरत्न, एसटी सोमशेखर, रमेश जारकीहोली, रोशन बेग, श्रीमंत पाटिल, आनंद सिंह, बी नागेंद्र, आर शंकर, के गोपालैया, नारायण गौड़ा, एमटीबी नागराज, बीसी पाटिल, एच विश्वनाथ, महेश कुम्हारहल्ली, प्रताप गौड़ा पाटिल, डॉ. सुधाकर, शिवराम हेब्बार, एन महेश के नाम शामिल हैं।

विधानसभा में विश्वास मत बहस के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री  एचडी कुमारस्वामी ने  कहा, 'मेरा स्वाभिमान है और मेरे मंत्रियों का भी। मुझे कुछ स्पष्टीकरण देना होगा। इस सरकार को अस्थिर करने के लिए कौन जिम्मेदार है?' कर्नाटक कांग्रेस के विधायक श्रीमंत पाटिल, जो बेंगलुरु के विंडफ्लावर प्रकृति रिसॉर्ट में अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ रह रहे थे, वो बुधवार रात मुंबई पहुंचे। फिलहाल वह सीने में दर्द की शिकायत के बाद मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। विश्वासमत पर चर्चा के दौरान बहुजन समाज पार्टी के विधायक एन महेश भी नदारद रहे। एन महेश ने कहा था कि कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने मायावती से कोई संपर्क नहीं किया है इसलिए वह अपने क्षेत्र में ही रहेंगे।

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