सुप्रीम कोर्ट ने यूं सुनाया कर्नाटक पर फैसला, पढ़े कोर्ट रूम की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली (18 मई): कर्नाटक में सत्ता हासिल करने के लिए चल रहा सियासी ड्रामा वाकई काफी हैरतअंगेज मोड़ पर पहुंच चुका है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कर्नाटक में शनिवार यानी कल ही फ्लोर टेस्ट कराया जाएगा। यानी अब तय हो गया कि कर्नाटक में बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए अब 14 दिनों का समय नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यीय बेंच के सामने बीजेपी और कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में दलीलें रखी गईं।

कोर्ट रूम की इनसाइड स्टोरी---

-सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, शनिवार को ही होगा फ्लोर टेस्ट

-मुकुल रोहतगी ने कहा कि शनिवार को फ्लोर टेस्ट ना हो, क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस के विधायक बाहर हैं।-शनिवार को शाम 4 बजे शक्त‍ि परीक्षण का फैसला आ सकता है।-कांग्रेस ने कोर्ट में कहा कि हमारे विधायकों की सुरक्षा की जाए। इसी के साथ शक्ति परीक्षण की वीडियोग्रॉफी कराने की बात कही, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वीडियोग्रॉफी से मना किया।-बीजेपी को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एंग्लो इंडियन सदस्य को नियुक्त ना किया जाए-अब बहुमत साबित करवा ही लिया जाए: सुप्रीम कोर्ट-बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बीजेपी भी कल बहुमत साबित करने को तैयार है-सदन को तय करना है किसका बहुमत है। डीजीपी से कहेंगे कि हर विधायक को सदन तक पहुंचाए: सुप्रीम कोर्ट-गवर्नर के विवेक जैसी कोई चीज नहीं होती: कपिल सिब्बल-अब सदन में बहुमत परीक्षण करा लेना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट-जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सदन के पटल पर कल ही बहुमत साबित करने को तैयार: सिंघवी-गवर्नर ने यह कैसे मान लिया कि बीजेपी के पास बहुमत है: सिंघवी-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या शनिवार तक बहुमत साबित कर सकती है बीजेपी-राज्यपाल के विवेक पर सुप्रीम कोर्ट का कोई भी सुनवाई करने से इंकार-कर्नाटक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू। बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने गर्वनर को सौंपा पत्र कोर्ट को दिया।