कर्नाटक विधानसभा में बीएस येदियुरप्पा के भाषण की बड़ी बातें...

नई दिल्ली (19 मई ): कर्नाटक में पिछले कई दिनों से जारी सियासी नाटक फिलहाल थमता नजर आ रहा है। बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाई। 

येदियुरप्पा केवल ढाई दिन के कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं वापस आऊंगा, 150 से ज्यादा सीटें जीतकर आऊंगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है और वो अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपने जा रहे हैं। 

सदन को संबोधित करते हुए बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि मैं अपना प्रस्ताव सदन में रख रहा हूं और सदन से विनती करता हूं कार्रवाई करे।

उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी। राज्यपाल ने मेरे को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया। खेद की बात ये है कि हम सबको मिलकर ये सोचना चाहिए कि किसान और कार्मिक लोग पानी की व्यवस्था से परेशान हैं।

बीजेपी नेता ने कहा कि लगभग तीन हजार 700 किसानों ने आत्महत्या की है। ये हम सबको मालूम है। इस तरह से परेशान किसानों को, कष्ट में रखा गया।  उनके लिए मदद होनी चाहिए, इसके लिए मैंने अपना सबकुछ त्याग करने का फैसला लिया। मैं इस सदन के द्वारा हमारे राज्य के लोगों को आश्वासन देता हूं कि जब तक जीवित हूं, अन्नदाता किसान को पूरी तरह मदद देने के लिए तैयार हूं। हम सब मिलकर ये काम करेंगे. मैं सोचता हूं कि ये हमारा कर्तव्य है।

उन्होंने कहा मैं किसानों की मदद के लिए खड़ा हुआ. किसानों की जमीन दिलवाने की कोशिश की. हमने जंग लड़ी।