कपिल मिश्रा का केजरीवाल सरकार पर बड़ा आरोप, स्वास्थ्य विभाग में हुआ 300 करोड़ का घोटाला

नई दिल्ली ( 27 मई ): दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने अब स्वास्थ्य विभाग में तीन बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। कपिल ने शनिवार को आरोप लगाया गया कि दवाओं की खरीद में 300 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन पर 300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है।

कपिल मिश्रा ने कहा कि दवाइयों और एंबुलेंस की खरीद के साथ अधिकारियों के तबादले में भी घोटाला किया गया, जो दवाएं अस्पतालों में भेजनी चाहिए थी, वो गोदामों में सड़ रही हैं। तरुण सीम को 100 करोड़ की दवाई खरीदने की छूट दी गई।

कपिल मिश्रा ने केजरीवाल, तरुण सीम और सत्येंद्र जैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नियम-कानून तोड़कर 30 एमएस की नियुक्ति सत्येंद्र जैन ने की और जूनियरों को एमएस का पद दिया गया। इन मामलों में एलजी के सीधे हस्तक्षेप की जरूरत है।

कपिल मिश्रा का पहला आरोप है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी के पीछे सतेंद्र जैन और तरुण सीम का हाथ है। जो दवाएं अस्पतालों में भेजनी चाहिए थी, वो गोदामों में सड़ रही हैं। अस्पतालों में दवाओं का कोटा खत्म हो गया है। तरुण सीम को 100 करोड़ की दवाई खरीदने की छूट दी गई। वहीं दवाओं के लिए दिल्ली सरकार ने तीन गोदाम बनाये और साथ ही 3 से 6 महीने की दवाइयां एडवांस में खरीद ली गईं। जबकि उन दवाइयों की जरूरत अस्पताल को नहीं थी। एडवांस खरीदी दवाएं गोदामों में ही पड़ी रही, अस्पतालों में नहीं गई।

दूसरा आरोप लगाते हुए कपिल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नियम-कानून तोड़कर 30 एमएस की नियुक्ति सत्येंद्र जैन ने की और जूनियरों को एमएस का पद दिया गया। इन मामलों में एलजी को जरुरी कदम उठाने चाहिए।

कपिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने 100 कैट्स की एंबुलेंस खरीदी लेकिन ज्यादातर चल नहीं रही हैं। दिल्ली सरकार ने हर एक एम्बुलेंस का दाम 22,85,608 रुपये बताया। जबकि सरकार ने टाटा कंपनी को हर एक एम्बुलेंस के लिए सिर्फ 8,74,000 रुपये दिए और 2.50 लाख रुपये का इक्विपमेंट्स उस एम्बुलेंस में लगाया। इस हिसाब से सरकार ने सिर्फ एम्बुलेंस के नाम पर करीब 120 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।