ISI ने कराया था कानपुर ट्रेन हादसा, विदेश से आया था फंड

नई दिल्ली ( 18 जनवरी ): कानपुर के पुखरायां में हुई रेल दुर्घटना महज एक हादसा थी या किसी की सुनियोजित साजिश? रेलवे की जांच रिपोर्ट कुछ भी कहे लेकिन बिहार में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जिनके तार कानपुर जैसी ही घटना रक्सौल-दरभंगा रेल लाइन पर अंजाम देने की कोशिश से जुड़े हैं। इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ माना जा रहा है। इस मामले की जांच के लिए यूपी एटीएस की टीम बिहार पहुंच गई है। एटीएस की टीम बिहार के मोतिहारी जिले का दौरा करेगी। तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और कानपुर हादसे के पीछे इनकी संलिप्तता की जांच की जाएगी। एनआईए की टीम भी बिहार जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ करेगी।गौरतलब है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस का 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास एक्सीडेंट हो गया था। उस हादसे में करीब 150 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। बताया जाता है कि इस पूरे रैकेट के पीछे दुबई में बैठा एक शख्स है जो भारत में तबाही के लिए नेपाल के भाड़े के टट्टुओं का इस्तेमाल कर रहा है। उसका नाम शमसुल होदा बताया जाता है जो पाक की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हुआ है। वहीं संदिग्धों की गिरफ्तार से मिल रहे इनपुट के बाद यूपी एटीएस ने अपनी टीम बिहार भेजी है। कई और बड़े खुलासे की संभावना है।इस हादसे की जांच में अब नया मोड़ आ गया है कि बिहार के एसपी जितेन्द्र राणा की अगुवाई में मोतिहारी इलाके से तीन युवक गिरफ्तार किये गए है, जिनके द्वारा किये गए खुलासे ने सभी को चौंका कर रख दिया है।क्योकि पुखरायां रेल हादसा न तो मानवीय लापरवाही का उधाहरण था और न ही किसी तकनीकी खराबी हादसे की वजह थी, बल्कि आतंकवादी घटना की साजिश थी। आईएसआई ने इसे अंजाम देने के लिए नेपाल और सऊदी अरब में बैठे एजेंटो का सहारा लिया था। युवकों के इस बयान को सुनते ही बिहार एटीएस, एनआईए, राॅ समेत कई सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट चुकी हैं। कानपुर के पुखरायां में हुई रेल दुर्घटना महज एक हादसा थी या किसी की सुनियोजित साजिश?

 रेलवे की जांच रिपोर्ट कुछ भी कहे लेकिन बिहार में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जिनके तार कानपुर जैसी ही घटना रक्सौल-दरभंगा रेल लाइन पर अंजाम देने की कोशिश से जुड़े हैं। इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ माना जा रहा है। इस मामले की जांच के लिए यूपी एटीएस की टीम बिहार पहुंच गई है। एटीएस की टीम बिहार के मोतिहारी जिले का दौरा करेगी। तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और कानपुर हादसे के पीछे इनकी संलिप्तता की जांच की जाएगी। एनआईए की टीम भी बिहार जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ करेगी।गौरतलब है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस का 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास एक्सीडेंट हो गया था। उस हादसे में करीब 150 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। बताया जाता है कि इस पूरे रैकेट के पीछे दुबई में बैठा एक शख्स है जो भारत में तबाही के लिए नेपाल के भाड़े के टट्टुओं का इस्तेमाल कर रहा है। उसका नाम शमसुल होदा बताया जाता है जो पाक की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हुआ है। वहीं संदिग्धों की गिरफ्तार से मिल रहे इनपुट के बाद यूपी एटीएस ने अपनी टीम बिहार भेजी है। कई और बड़े खुलासे की संभावना है।इस हादसे की जांच में अब नया मोड़ आ गया है कि बिहार के एसपी जितेन्द्र राणा की अगुवाई में मोतिहारी इलाके से तीन युवक गिरफ्तार किये गए है, जिनके द्वारा किये गए खुलासे ने सभी को चौंका कर रख दिया है।क्योकि पुखरायां रेल हादसा न तो मानवीय लापरवाही का उधाहरण था और न ही किसी तकनीकी खराबी हादसे की वजह थी, बल्कि आतंकवादी घटना की साजिश थी। आईएसआई ने इसे अंजाम देने के लिए नेपाल और सऊदी अरब में बैठे एजेंटो का सहारा लिया था। युवकों के इस बयान को सुनते ही बिहार एटीएस, एनआईए, राॅ समेत कई सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट चुकी हैं।