तरुण तेजपाल की हत्या की साजिश रचने वाला ही ट्रेन हादसे का साजिशकर्ता?

अमिताभ ओझा, नई दिल्ली (18 जनवरी): पिछले माह कानपुर में हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में नेपाल में बैठे आईएसआई एजेंट ब्रजकिशोर गिरी का नाम आया है। इसी के साथ यह आशंका बढ़ गई है कि यह ब्रजकिशोर गिरी कहीं वही कथित आईएसआई एजेंट ‘जैन’ तो नहीं जिसने वर्ष 2001 में तत्कालीन बाजपेयी सरकार को अस्थिर करने की नियत से तहलका के संपादक तरुण तेजपाल और उनके सहयागी अनिरुद्ध बहल की हत्या की साजिश रची थी।

एक तत्कालीन मंत्री के पटना स्थित सरकारी आवास पर यह साजिश रची गई थी, जिस बैठक में शहाबुद्दीन, एजाजुल हक, आईएसआई एजेंट जैन व कुख्यात अपराधी भूपेन्द्र त्यागी उर्फ अवधेश त्यागी मौजूद थे। इस बैठक में भारी मात्रा में हथियार को लेकर ही भूपेन्द्र त्यागी और उसके सहयोगी तरुण तेजपाल की हत्या की नियत से दिल्ली पहुंचे थे, पर वह घटना को अंजाम दे पाते इसके पूर्व ही सभी लोधी कॉलोनी पुलिस द्वारा दबोच लिए गए।

लोधी कॉलोनी पुलिस द्वारा इस मामले में दर्ज प्राथमिकी (154/2001) में भूपेन्द्र त्यागी ने अपने इकबालिया बयान में इन सारी बातों का तब जिक्र किया था। भूपेन्द्र त्यागी ने तब अपने बयान में यह भी कहा था कि कथित जैन देखने में भारतीय लग रहा था पर उर्दू भाषा भी बोलता था। उस कथित जैन का संबंध भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड किंग दाऊद इब्राहीम से भी है।

तरुण तेजपाल की हत्या की साजिश के पूर्व हज यात्रा के दौरान शहाबुद्दीन की दाऊद इब्राहीम से सऊदी अरब के मीका में मुलाकात इसी कथित आईएसआई एजेंट जैन ने ही कराई थी। इस मुलाकात की चर्चा केन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने भी वर्ष 2001 में शहाबुद्दीन पर बनाई गई अपनी एक गोपनीय रिपोर्ट में दी है।

मोतिहारी व नेपाल पुलिस द्वारा कानपुर रेल हादसा और घोड़ासहन में रेल हादसा कराने की साजिश रचने वाले गिरफ्तार किए मोती पासवान सहित छह एएसआई एजेंट की गिरफ्तारी और इस हादसे के मुख्य साजिशकर्ता आईएसआई एजेंट शमशुल होदा का नाम आने के बाद यह आशंका पैदा हो रही है कि 2001 में तरुण तेजपाल की हत्या की साजिश रचने वाला कथित जैन ही तो नहीं नेपाल की नागरिकता प्राप्त कर भारत और बिहार को अस्थिर करने की साजिश तो नहीं रच रहा।