कानपुर रेल हादसाः पटरी उड़ाने के लिए 10 लीटर के प्रेशर कुकर आईडी का किया था इस्तेमाल

नई दिल्ली ( 20 जनवरी ): कानपुर के पास पुखरायां रेल हादसे में पटरी काटकर ट्रेन गिराई गई या बम विस्फोट करके। यह सवाल उलझता ही जा रहा है। बिहार में गिरफ्तार किए गए आईएसआई के गुर्गे मोती पासवान ने पूछताछ में बताया है कि 10 लीटर वाले प्रेशर कुकर में आईईडी विस्फोटक से ट्रैक को उड़ाया गया था। उसने सात अन्य लोगों के साथ मिलकर दो बार कानपुर के पास रेल पटरी को नुकसान पहुंचाया था।

वहीं कानपुर पुलिस को आईएसआई एजेंट बृजकिशोर गिरी, राजू पटेल और जुबैर अहमद की जो फोन रिकार्डिंग हासिल हुई है उसमें बृजकिशोर गिरी, राजू पटेल और जुबैर अहमद से कह रहा है कि तुम लोगों को पटरी ब्लास्ट करने को कहा गया था और उखाड़कर चले आए। अब तुम लोगों को पैसे वापस करने होंगे। इससे अब यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि पटरी ब्लास्ट से उड़ाई गई या काटी गई। ये भी हो सकता है आरोपी झूठ बोल रहे हों।

अब कौन सही है कौन गलत, ये आगे की जांच से ही तय हो सकेगा। पूछताछ करने वालों में एटीएस के आईजी असीम अरुण के अलावा रेलवे पुलिस के आईजी एलवी एंटनी देवकुमार और एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर भी शामिल थे।

सच क्या है?

- 10 लीटर वाले प्रेशर कुकर में आईईडी विस्फोटक से ट्रैक को उड़ाया गया, तो मौके से जांच एजेंसियों को विस्फोटक के अंश, प्रेशर कुकर व आईईडी के अवशेष क्यों नहीं मिले। एक बार भी जांच में विस्फोट का जिक्र नहीं आया।

- अगर विस्फोटक से ट्रैक को उड़ाया गया तो क्या अब तक की जांचों में कमी रह गई जो किसी तरह के अवशेष नहीं मिल सके।

- ऐसे विस्फोटक की जांच करने की विशेषज्ञता लोकल पुलिस और रेलवे के पास नहीं है या विस्फोटक के बिंदु को बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया गया।

- गणतंत्र दिवस से पहले गड़बड़ी के इनपुट दिए गए थे तो भी जांच में आतंकी साजिश के बिंदुओं को शामिल नहीं किया गया क्या।

- विस्फोटक की बात कहकर कहीं आरोपी जांच एजेंसियों को उलझा तो नहीं रहे।

एटीएस के आईजी असीम अरुण ने कहा कि मोती पासवान से जो जानकारी मिली है उसका फारेंसिक परीक्षण, रेल विभाग के परीक्षण और उसकी सीडीआर का विश्लेषण पुलिस करेगी। एसपी कानपुर देहात को दोबारा घटनास्थल की जांच के लिए कहा गया है और यह पता करने केलिए कहा गया है, कि क्या वहां पर किसी भी प्रकार के विस्फोटक होने की पुष्टि होती है या नहीं।