कानुपर के ग्रीन पॉर्क पर टीम इंडिया ने कई बार रचा है इतिहास

नई दिल्ली (21 सितंबर): कल से न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आगाज हो रहा है। टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और साथ में कानपुर का वो ग्रीन पार्क भी ग्रीन पथ बन कर तैयार है। पिछले 64 सालों से यहां क्रिकेट खेला जा रहा है। टीम इंडिया की हर कामयाबी की गवाह है वो गंगा जिसके किनारे कानपुर के ग्रीन पार्क पर टीम इंडिया ने कई बार इतिहास रचा है।

वैसे तो आजादी से पहले भी इस मैदान पर अंग्रेज अधिकारी घुड़सवारी के लिए उतरते थे। लेकिन 12 जवनरी 1952 में पहली बार कानपुर का ग्रीन पार्क मैदान गवाह बना टेस्ट क्रिकेट का, जब टीम इंडिया और इंग्लैंड की टीम पहली बार कानपुर के ग्रीन पार्क मैदान पर खेलने उतरी। कानपुर में खेले गए पहले दो टेस्ट में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।

1952 और 1958 के बाद साल 1959 में कानपुर का ये मैदान फैन्स के शोर से गूंज उठा। ग्रीन पार्क पर पहली बार टीम इंडिया ने उस ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ जीत दर्ज की जो अब तक अजेय थी। कानपुर के इस ग्रीन पार्क पर मिली पहली कामयाबी के बाद ना तो ये मैदान और ना ही टीम इंडिया कभी पीछे मुड़कर देखा। 1959 के बाद कानपुर के ग्रीन पार्क पर भारतीय टीम 18 टेस्ट खेलने उतरी जिसमें से सिर्फ 1 मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा जबकि इसके बाद टीम इंडिया को 5 मैच में जीत हासिल हुई।

बदलते वक्त के साथ ना सिर्फ मैदान पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड बदला बल्कि ये मैदान पर बदलते वक्त के साथ बदलता चला गया। किसी जमाने में कानपुर के इस ग्रीन पार्क को हिंदुस्तान का सबसे खुबसूरत मैदान कहा जाता था। बल्लेबाजों का स्वर्ग कहा जाता था कानपुर के इस ग्रीन पार्क को। ग्रीन पार्क पर घास की वजह से ये मैदान ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न और इंग्लैंड के लॉर्ड्स जैसे चमक बिखेरती थी। कहा जाता है कि घास की हरियाली की वजह से ही इस मैदान का नाम ग्रीन पार्क पड़ा।

एक बार फिर से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने कानपुर के इस ग्रीन पार्क को पुरानी पहचान देने की सफल कोशिश की है। पिछले दिनों यूपीसीए ने ग्रीन पार्क की पिच को बेहतर बनाने के लिए काफी मेहनत की। पिच पर नई मिट्टी डाली गई, तकनीकी का भी सहारा लिया गया, जिसके बाद पहली बार कानपुर का ग्रीन पार्क पर आईपीएल के मैच खेले गए। आईपीएल को मिले फैन्स के रिसपोंशन ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के हौसले को और भी बुलंद कर दिया।

कानपुर का ये मैदान अपने फैन्स, अपने रिकॉर्ड्स और सुनील गावस्कर से लकर कपिल तक, सौरव से लेकर सचिन तक और धोनी से लेकर विराट तक के खास लगाव के लिए भी जाना जाता है। विराट जैसे युवा टेस्ट कप्तान के लिए ये पहला मौका है जब वो कानपुर के ग्रीन पार्क पर पहला टेस्ट खेलने उतर रहे हैं। उम्मीद है कि ग्रीन पार्क के अग्निपथ पर विराट भी अजहर-सचिन और कपिल की तरह हिंदुस्तान के इस सबसे पुराने मैदान पर नया रिकॉर्ड कायम करेंगे।