सीएम अखिलेश के ऐंबुलेंस सेवा की फिर खुली पोल, कंधे पर तड़पकर मर गया मासूम बच्चा


कानपुर (8 नवंबर): उत्तर प्रदेश में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विकास के नाम पर दोबारा सत्ता में वापसी का दावा भी कर रहे हैं। लेकिन उनके अधिकारी और कर्मचारी ही उनके इन दावों को पलीता लगाने में जुटे हैं।


कानपुर में सड़क हादसे में एक मासूम गंभीर रुप से घायल हो गया और मौके पर ऐंबुलेंस नहीं आने की वजह अपने रिश्तेदार के कंधे पर ही तड़प-तड़प कर मर गया। इतना ही नहीं किस तरह से परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी अस्पताल में उसे ऐंबुलेंस नहीं मिला और पीड़ित परिवार कंधे पर ही रख शव को पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाना पड़ा।


पेशे से मजदूर सुरेंद्र कानपुर देहात के राजपुर के रहने वाले हैं। शुक्रवार को सुरेंद्र का बेटा अर्जुन (10 साल) सिकंदरा कस्बे में NH-2 के पास कार की टक्कर से बुरी तरह जख्मी हो गया था। अर्जुन अपने रिश्तेदारों के साथ वहां गया था। परिवार के लोगों की गुहार पर आसपास के लोगों ने तुरंत 108 नंबर पर कॉल कर ऐंबुलेंस बुलाई, लेकिन आधे घंटे तक ऐंबुलेंस नहीं आई। न ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच अर्जुन ने दम तोड़ दिया।


एक प्राइवेट ऐंबुलेंस की मदद से उसे सिकंदरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद हॉस्पिटल स्टाफ का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने सुरेंद्र को ऐंबुलेंस मुहैया नहीं कराई। रोते-पीटते पूरा परिवार पोस्टमॉर्टम हाउस की तरफ चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सुरेंद्र को पटेल चौक के पास रोका और पंचायतनामा भरा शव पोस्टमॉर्टम के लिए घटना का मेमो भरकर हमें भेजा, लेकिन उन्हें पंचायतनामा भरवाने तक पीड़ित पक्ष को रुकने के लिए कहना था पर उन्हें यूं ही जाने दिया गया।