मदर्स डे: स्‍मृति के नाम कन्‍हैया का पत्र, पूछा- ‘मां’ बच्‍चों को कैसे दे सकती है सजा


नई दिल्ली (9 मई): जेएनयू छात्रसंघ अध्‍यक्ष कन्‍हैया कुमार ने रविवार को मदर्स डे के मौके पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति ईरानी को पत्र लिखी। देशद्रोह के मामले में जमानत पर चल रहे कन्हैया ने स्मृति को लिखे गए पत्र में पूछा कि कैसे कोई 'मां' अपने बच्चे को सजा दे सकती है।

कन्हैया का यह सवाल नौ फरवरी को जेएनयू में कथित तौर पर लगाए गए देशविरोधी नारों पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट्स और छेड़छाड़ वाले वीडियोज के आधार पर छात्रों पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर पूछा था। इस पत्र में कन्हैया ने मामले की जांच के लिए बनी यूनिवर्सिटी की कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र किया। जिसकी सिफारिश के बाद कन्‍हैया और कुछ दूसरे स्‍टूडेंट्स पर हुई कार्रवाई के विरोध में जेएनयू स्‍टूडेंट्स भूख हड़ताल कर रहे हैं। 

कन्‍हैया ने अपनी चिट्ठी में लिखा...
> हम आपके ममतापूर्ण प्रेम के सानिध्‍य में अपनी पढ़ाई करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अपनी छत्रछाया में हम यह सीख रहे हैं कि भूख रहकर और पुलिस की लाठियों से पिटकर भी कैसे पढ़ाई की जाती है। 
>आज मेरे एक मित्र ने पूछा कि मोदी के नेतृत्‍व में जब हमारी अपनी मां के अलावा हमारे पास गोमाता, भारत माता, मां गंगा और स्‍मृति मां है तो रोहित वेमुला आत्‍महत्‍या कैसे कर सकता है। उसी राष्‍ट्रविरोधी दोस्‍त ने यह भी कहा कि स्‍मृति मां के मंत्रालय ने रोहित को सजा देने के लिए कई चिट्ठ‍ियां लिखीं और उसकी फेलोशिप सात महीने तक रोकने के लिए जिम्‍मेदार थी। 
> भारत जैसे महान देश में क्‍या कोई मां अपने बच्‍चे को आत्‍महत्‍या के लिए दबाव बना सकती है? क्‍या कोई मां उन सजाओं को मंजूरी दे सकती है जो छेड़छाड़ वाले वीडियोज और पक्षपातपूर्ण जांच पर आधारित हों। आपके बच्‍चे 11 दिन से भूख से तड़प रहे हैं और आप से सवाल पूछ रहे हैं। अगर आपके पास समय हो तो जवाब दीजिएगा।'