कन्हैया कुमार जेल से आज होगा रिहा

नई दिल्ली(3 मार्च) दिल्ली हाईकोर्ट  ने देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार JNUSU के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को छह महीने के लिए अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने सख्त हिदायत ही दै कि कन्हैया आगे किसी भी देशविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होगा। कन्हैया को राहत देते हुए कोर्ट ने 10,000 रूपये की जमानत राशि और इतनी राशि का मुचलका भरने को कहा। 

हाईकोर्ट की जज ने जमानत देते हुए कई शर्ते भी लगाई हैं। जज ने फैसले में ये भी निर्देश दिया है कि कन्हैया को इस संबंध में एक शपथ पत्र देना होगा कि वह ऐसी किसी गतिविधि में सक्रिय या निष्क्रिय  रूप से हिस्सा नहीं लेंगे जिसे राष्ट्रविरोधी कहा जाए। बिना निचली अदालत की अनुमति के कन्हैया देश से बाहर नहीं जा सकते और उनके जमानतदार को भी आरोपी की तरह का शपथपत्र देना होगा। जेएनयूएसयू अध्यक्ष होने के नाते उन्हें कैंपस में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को काबू में करने की पूरी कोशिश करनी होगी।

जज ने जेएनयू केंपस में देशविरोधी नारा लगाने वालों पर सख्त टिप्पणी भी की है। 23 पन्नों के अपने फैसले में जज ने सियाचिन में तैनात सेना के संघर्ष का भी हवाला दिया और कहा कि कुछ जेएनयू छात्रों के जरिए कार्यक्रम में की गई नारेबाज़ी में जिस तरह की विचारधारा दिखती है, उनकी सुरक्षा के दावे को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की सुरक्षा नहीं कहा जा सकता। यह एक तरह का संक्रमण है जिससे ये छात्र संक्रमित हो गए हैं, और इससे पहले कि यह महामारी का रूप ले, इसे क़ाबू करने या ठीक करने की ज़रूरत है।