कन्हैया को मिली 6 महीने की अंतरिम जमानत

नई दिल्ली (2 मार्च): जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कोर्ट से 6 महीने की अंतरिम जमानत मिल गई है। बता दें की कन्हैया को 10 हजार रुपए के बेल बांड पर यह जमानत मिली है। इस बीच अगर इंवेस्टिगेशन में किसी प्रकार की जरूरत पड़ती है तो पुलिस कन्हैया को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सोमवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इधर फॉरेंसिक रिपोर्ट में कन्हैया कुमार से जुड़े वीडियो से छेड़छाड़ की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सात में दो वीडियो फर्जी हैं। बाकी वीडियो में भी छेड़छाड़ की गई है।

इससे पहले जो दिल्ली पुलिस कन्हैया के देशद्रोही का दावा कर रही थी वही पुलिस अदालत के सामने सोमवार को अपने दावे से पलट गई। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उसके पास ऐसा कोई वीडियो नहीं है जिसमें कन्हैया को देशविरोधी नारा लगाते हुए देखा जा सके। अब सवाल ये उठता है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्नर का कन्हैया को देशद्रोही बताने वाला दावा कहां गया, पूरे देश में माहैौल बिगाड़ने वाला वीडियो कहां गया। क्यों दिल्ली पुलिस अदालत में सबूत नहीं दे पाई और दिल्ली असली गुनगहारों को पकड़ने के बजाय जेएनयू के छात्रों को देशद्रोही बताने पर क्यों तुली थी।

इन देशविरोधी नारों वाले वीडियो का सच सामने आ गया है। जेएनयू में नौ फरवरी को देशद्रोही नारेबाजी के आरोपी कन्हैया कुमार से जुड़े वीडियो से छेड़छाड़ की गई थी। फॉरेंसिक लैब में जांच के बाद पेश किए गए सात वीडियो में से दो को फर्जी पाया गया है। ट्रूथ लैब की फाइनल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में बताया गया है कि सात में दो वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं। बाकी वीडियो में भी छेड़छाड़ की गई है।

शायद इसी झूठ के पुलिंदे पर तैयार किए गए सबूत की डर से दिल्ली पुलिस अदालत में पलट रही है , और स्पेशल सेल को बलि का बकरा बना रही है। पुलिस के बेतुके दलीलों पर ही देशद्रोह की धारा 124 (A) में गिरफ्तार जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से सोमवार को पूछा था ।