कमलनाथ सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में देगी 70% आरक्षण

न्यूज 24 ब्यूरो,गौरव शर्मा, भोपाल (9 जुलाई): मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार ने युवाओं पर एक बड़ा दांव खेला है। युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर 15 साल बाद सत्ता पर बैठी कमलनाथ सरकार अब मध्यप्रदेश के युवाओं को बड़ी सौगात देने जा रही है। निजी क्षेत्र की नौकरियों में सरकार प्रदेश के युवाओं को 70 फीसदी आरक्षण देगी। इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा। मंगलवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सीएम कमलनाथ ने इस बात का जिक्र किया। कमलनाथ सरकार के मंत्री इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए युवाओं की फ़िक्र और बेरोजगारी दूर करने की कवायद मान रहे हैं।

दरअसल, विधानसभा में मंदसौर से भाजपा विधायक यशपाल सिंह ने मप्र में राेजगार देने को लेकर सवाल पूछा था। इस पर कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच बहस हुई। इसके बाद कमलनाथ ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश की गुजरात और पश्चिम बंगाल से तुलना नहीं हो सकती है। क्योंकि, उन राज्यों में वहीं की भाषा में परीक्षाएं होती हैं।

यानि मध्यप्रदेश की निजी कंपनियों में नौकरी में अब एमपी के मूल निवासियों को 70 फ़ीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए बकायदा कानून भी बनाया जाएगा। सीएम कमलनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में इसका ऐलान आखिरकार किया। हालांकि बीजेपी कांग्रेस सरकार के इस कदम का समर्थन जाहिर कर रही है लेकिन आरोप ये भी लगा रही है कि किसान कर्जमाफी की तरह ये भी छलावा साबित ना हो जाए।

विधानसभा में मंगलवार को किसानों की कर्जमाफी को लेकर विपक्ष की लगातार अविलंब चर्चा की मांग और हंगामे के बाद विपक्षी दल भाजपा के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए। शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने वचनपत्र में दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी की घोषणा की थी, लेकिन सरकार बनने के बाद जारी आदेश में अल्पकालीन ऋण की बात सामने आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब किसानों को कर्ज के लिए साहूकारों के पास जाना पड़ रहा है।