कमल हासन के बयान से फिर गर्माया हिंदू आतंकवाद का मुद्दा, बीजेपी-संघ ने बताया बकवास


नई दिल्ली (2 नवंबर): पिछले कुछ समय से राजनीति में आने की खबरों के बीच कमल हासन के एक लेख पर सियासी घमासान खड़ा हो गया है। कमल हासन ने एक तमिल साप्ताहिक मैगजीन में लिखे अपने लेख में हिंदू आतंकवाद पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा है कि हिंदू संगठन पहले किसी मुद्दे का समाधान बातचीत से निकालने की कोशिश करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब वो ताकत का उपयोग करने लगे हैं। दक्षिण पंथी हिंसा में शामिल होने लगे हैं और हिंदू कैंपों में आतंकवाद घुस चुका है।

हासन के इस लेख के बाद एक बार फिर हिंदू आतंकवाद का मुद्दा गर्माने लगा है। वहीं उनके इस बयान पर बीजेपी ने उनसे माफी मांगने की मांग की है। बीजेपी नेता नारायण त्रिपाठी ने हासन के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो अपने शब्द वापिस लें और माफी मांगे, वास्तव में हिंदू बहुसंख्यक हैं और इसलिए शांति भी है।

कमल हासन के इस बयान के बाद बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचारक राकेश सिन्हा ने पलटवार किया है। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि उसकी तीन फिल्में फ्लाप हो चुकी हैं इसलिए अब सिनेमा से रिटायरमेंट चाहता है। इसलिए इस तरह के स्टेटमेंट दे रहा हैं। उसका कुछ होने वाला नहीं है, इसलिए कम्युनिस्टों की चापलूसी कर रहा है। लेनिन ने कहा था कि कई इडियट भी यूजफूल होते हैं। स्वामी ने कहा कि वो आधारहीन आरोप लगा रहे हैं, उनके पास कोई सबूत नहीं है।

वहीं संघ विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि कमल हासन तमिलनाडु में पीएफआई और अल उम्मा के प्रभाव में आकर हिंदू आतंक की बात कर रहे हैं। हिंदू सभ्यता के अपमान और भावनाओं को आहत करने के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। कमल हासन की कोशिश भावनाएं भड़काने की है। साथ ही उन्होंने कहा कि समय बहुत महत्वपूर्ण है, जब केंद्रीय एजेंसियों ने पीएफआई पर बैन लगाने की बात कही, तो कमल हासन ने हिंदू आतंक की बात कहकर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि कमल हसन अब सुपर स्टार नहीं रह गए हैं। उनकी सारी फिल्में पिट रही हैं। लिहाजा वो इस तरह के बयान दे रहे हैं। उनके ऊपर केस दर्ज होना चाहिए और वहां की सरकार को अच्छे अस्पताल में उनका इलाज करना चाहिए। हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकता हैं। पूरे दुनिाय में इस्लामिक आतंकवाद हैं। उनके आतंकी कैंप चलते हैं। उनको कश्मीर में जाकर देखना चाहिए। तब उनको समझ में आएगा कि इस्लामिक आतंकवाद क्या होता हैं?