भारतीय नौसेना की पहली स्वदेशी स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'कलवरी' परीक्षण के लिए रवाना

नई दिल्ली (1 मई): भारत में ही बनाई गई स्वदेशी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी कलवरी को समुद्री परीक्षण के लिए मुंबई हार्बर से रवाना किया गया। रविवार को रडार से बच निकलने में सक्षम इस तरह की पहली पनडुब्बी को रवाना किया गया। 

रिपोर्ट के मुताबिक, कलवरी भारत की छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों में पहली है। इनका निर्माण परियोजना 75 के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना में काफी देरी हुई है। पनडुब्बियों का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल), फ्रांसीसी कंपनी डीसीएनएस के सहयोग से कर रही है। अक्तूबर 2015 में कलवरी को समुद्र में उतारा गया था। 

इन पनडुब्बियों में सक्षम मजबूतियां दी गई हैं। कलवरी में एन्टीशिप मिशाइल्स और लॉन्ग रेंज गाइडेड तारपीडोज़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक सेंसर स्यूट भी लगाए जाएंगे। एयर इंडीपेंडेंट प्रॉपल्शन सिस्टम टेक्नॉलॉजी यह सुनिश्चित करेगी कि यह लंबे समय तक पानी में रह सके।

नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, "कलवरी का समुद्री परीक्षण रविवार को शुरू हो गया है। यह हम सब के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। हालांकि पनडुब्बी के लिहाज से भारी वजन वाले टॉरपीडो खरीदने की योजना रक्षा मंत्रालय में अटकी है। नौसेना भी राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों का हवाला देते हुए इसके लिए जोर दे रही है।"