खतरे में है पाकिस्तान की ये खूबसूरत 'जनजाति', शराब-सिकंदर से रहा है नाता

नई दिल्ली (25 अगस्त): जो तस्वीर आप देख रहे हैं, ये पाकिस्तान के कालाश आदिवासी की हैं। सुनहरे बाल और नीली आंखों वाले ये आदिवासी कई मायनों में खास हैं। अफगानिस्तान की सीमा से लगे बॉर्डर पर हिंदूकुश घाटी में इनका ठिकाना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का यह एक ऐसा अल्पसंख्यक समूह है, जिसकी आबादी करीब 3000 ही है। ये वाइन बनाने और पीने के शौकीन हैं। 2005 में गार्डियन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ये ट्राइब्स सर्वाइवल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वो मुस्लिमों के अत्याचार का शिकार हो रहे हैं और इनकी जनसंख्या तेजी से कम हो रही है। इन्हें जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन कराकर इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

क्या है इनकी खासियत

- रात में आग के किनारे डांस करना भी इनकी परंपराओं का हिस्सा है।  - इन्हें व्हाइट ट्राइब्स के नाम से भी जाना जाता है।  - कालाश मूल रूप से ग्रीस के बताए जाते हैं। रिसर्चर्स का दावा है कि इनका इतिहास, लक्षण, संस्कृति और यहां तक की डीएनए भी प्राचीन ग्रीक लोगों जैसा है।  - ग्रीक किंग अलेक्जेंड द ग्रेट ने 2000 साल पहले पाकिस्तान के इस पहाड़ी हिस्से की तलाश की और इस पर कब्जा किया था।  - इसी वजह से ये भी कहा जाता है कि ये अलेक्जेंडर द ग्रेट के दौर में ग्रीस से यहां पहुंचे थे और उसी की सेना के वंशज हैं। - ये कालाश भाषा बोलते हैं। इन्होंने अपनी हजारों साल पुरानी संस्कृति और परंपराएं जिंदा रखी हैं। - इनके समुदाय में महिलाओं को ज्यादा आजादी है। शराब इनकी कम्युनिटी की कॉमन ड्रिंक है।  - इनके कपड़े काफी कलरफुल होते हैं। इनकी ड्रेस यहूदियों के स्टाइल की होती है।  - काले रंग के लबादे जैसी पोशाक पर रंगीन एम्ब्रॉयडरी होती हैं और सिर पर भी रंगीन टोपी पहनते हैं। - ये कार, फोन और मॉडर्न सुख-सुविधाओं से दूर हैं और खेती के सहारे गुजारा कर रहे हैं।