8 जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा, जोरों पर तैयारी

नई दिल्ली (7 जून): पवित्र कैलाश मानसरोबर यात्री की शुरुआत 8 जून यानी शनिवार से होने जा रही है। ये यात्रा 3 महीने चलेगी और 8 सितम्बर को खत्म होगी। पहले दिन भोले भंडारी के भक्त दिल्ली से हल्द्वानी होते हुए अल्मोडा पहुंचेंगे। दूसरे दिन यात्रा सड़क मार्ग से धारचूला प्रवेश करेगी।  18 दलों में होने वाली यात्रा धारचूला के बाद पैदल मांगती, नजंग होते हुए बुंदी में रात्री विश्राम करेगी, तो छियालेख,गर्ब्यांग होते हुए गुंजी में यात्रा दो दिन रुकेगी।एक दल की 25 दिनों की होने वाली इस बाबा के दर्शनों की यात्रा 12वें दिन नाभीढांग, 13वें दिन कालापानी होते हुए 14वें दिन लिपूलेख रात्रि विश्राम करेगी। जिसके बाद कैलाश यात्री 16वें दिन के बाद कैलाश की परिक्रमा कर 21 वें दिन भारत आएंगे। कैलाश यात्री 25वें दिन दिल्ली पहुंचेंगे। हर बार की तरह इस बार भी प्रत्येक दल में 60 यात्री होंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा के सही तरिके से संचालन के लिए तैयारियां को तेज जोरों पर है। भक्तों को दिक्कतें ना हो इसके लिए सभी पड़ावों को बेहतर किया जा रहा है। खाने-पीने का सामान कैंपों में पोटरों और खच्चरों से भेजा जा रहा है।आपको बता दें कि दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कैलाश मानसरोवर है। पुराणों के मुताबिक यहां शिवजी का स्थायी निवास है और यह 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल हजारों की तादाद में भोले भंडारी के भक्त कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं।