''कैलाश मानसरोवर यात्रा को लौटाने वाले चीन की वस्तुओं का करें बहिष्कार''

नई दिल्ली (27 जून): कैलाश मानसरोवर यात्रा को चीन द्वारा रोके जाने पर विश्व हिन्दू परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उसका कहना है कि नाथू ला बोर्डर से जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा को चीन द्वारा रोके जाने से सभी स्तब्ध थे। अभी तक लगता था कि इसके पीछे शायद प्राकृतिक विपदा ही मुख्य कारण रही होगी। परन्तु चीनी अधिकारियों द्वारा किए गए पत्र व्यवहार तथा जारी बयानों से अब यह स्पष्ट हो गया है कि इस महत्वपूर्ण यात्रा के रोकने का एक मात्र कारण क्षेत्रीय विस्तार की अमिट भूख व दादागिरी ही है।


विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने चीन की इस दादागिरी की कठोर शब्दों में भर्त्सना करते हुए जहां देश की जनता से चीनी वस्तुओं के बहिस्कार की अपील की है वहीं भारत सरकार से जमीन के भूखे चीन के साथ इस मामले को गंभीरता से उठाने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि तिब्बत पर अबैध कब्जा जमाने के बाद ड्रैगन की भूख और बढ़ गई।


इसलिए, उसने न सिर्फ भारत के अरुणाचल प्रदेश समेत कई क्षेत्रों पर दावा कर रखा है बल्कि उन क्षेत्रों के विकास में टांग भी अड़ाता रहता है. वह इन क्षेत्रों को विकसित होते नहीं देखना चाहता. भूपेन हजारिका पुल बनाने के बाद तो वह बुरी तरह बौखला गया। सिक्कम में दो भारतीय बंकर तोड़ना इसी बौखलाहट का प्रतीक है।