काबुल ब्लास्ट के पीछे पाक की खुफिया एजेंसी ISI और हक्कानी नेटवर्क!

नई दिल्ली ( 1 जून ): काबुल में हुए धमाके के पीछे हक्कानी नेटवर्क और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस) का हाथ बताया जा रहा है। इसकी जानकारी अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी के हवाले से मिली है। दरअसल, बुधवार की सुबह काबुल के राजनयिक इलाके में हुए धमाके में 90 लोगों की मौत हो गई और चार सौ लोग घायल हो गए थे।


मीडिया रिपोर्ट में अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सिक्युरिटी के हवाले से कहा गया है कि बुधवार 31 मई की सुबह अफगानिस्तान के राजनयिक इलाके में हुए ट्रक बम विस्फोट की योजना पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क ने बनाई, जिसमें PAK खुफिया एजेंसी ISI भी शामिल है। जबकि तालिबान ने अपना हाथ होने से इनकार करते हुए इस हमले की निंदा की है।


किसी भी आतंकी संगठन ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अधिकारियों ने बताया कि 15 सौ किलो की विस्फोटक सामग्री गंदे पानी के टैंकर में छिपाई गई थी। चश्मदीदों के मुताबिक, घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े थे और पूरे इलाके में घना धुंआ निकल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दर्जनों कारें सड़क पर ही फंस गईं, क्योंकि घायल लोग और घबराई स्कूली छात्राएं सुरक्षा के लिए उनकी आड़ ले रही थीं।


फ्रांस, भारत, तुर्की, जापान, संयुक्त अरब अमीरात और बुल्गारिया ने अपने-अपने दूतावासों पर इस धमाके से हुई क्षति की रिपोर्ट दी है। व्हाइट हाउस ने इस भयानक हमले की निंदा करते हुए सख्त बयान दिया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की ओर से कहा गया कि इस हमले से पता चलता है कि अफगानिस्तान में विवाद इतना भयानक हो गया है कि इससे अंतरराष्ट्रीय समुदायों को सतर्क हो जाना चाहिए।