24 जनवरी को इतिहास रचेगा इसरो, छात्रों द्वारा बनाए सबसे छोटे सैटेलाइट को करेगा लॉन्च

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 जनवरी): इसरो अब दुनिया के सबसे छोटे सैटेलाइट कलामसैट का लॉन्च करने वाला है। खास बात ये है कि इस उपग्र को भारतीय छात्रों के एक समूह ने तैयार किया है। कलामसैट वी-2 को पीएसएलवी-सी44 मिशन के तहत किया जायेगा। इसकी लॉन्चिंग 24 जनवरी को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगी। कलामसैट सैटेलाइट का नामकरण पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है।

इसरो के अध्यक्ष के. शिवन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये यह दुनिया का सबसे छोटा सैटेलाइट है। इसे चेन्नई के छात्रों के समूह स्पेस किड्स ने तैयार किया है। पीएसएलवी-सी44 मिशन में इसके अलावा माइक्रोसैट-आर सैटेलाइट की भी लॉन्चिंग की जाएगी। यह पीएसएलवी के नए संस्करण पीएसएलवी-डीएल का पहला सैटेलाइट भी होगा। 

शिवन ने बताया कि इसरो ने हर सैटेलाइट लॉन्चिंग मिशन में पीएस-4 प्लेटफॉर्म को छात्रों के बनाए सैटेलाइट के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया है। कलामसैट पीएस-4 प्लेटफॉर्म पर अंतरिक्ष में स्थापित पहला सैटेलाइट होगा। यह इतना छोटा है कि ‘फेम्टो’ श्रेणी में आता है। पीएस-4 लॉन्चिंग पैड का वह हिस्सा है जिसमें चौथे चरण का फ्यूल भरा जाता है। यह सैटेलाइट को उसकी कक्षा में स्थापित होने के बाद अंतरिक्ष में कबाड़ के रूप में रह जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें ऊर्जा स्त्रोत के रूप में एक सौर पैनल लगाकर इसे छह महीने से साल भर तक सक्रिय रखेगा। हम छात्रों से पूरा उपग्रह बनाने की जगह सिर्फ पे-लोड बनाकर लाने की बात कह रहे हैं। हम उनके पे-लाड को सीधे पीएस-4 में फिट कर उसे अंतरिक्ष में भेज देंगे।