जितना बड़ा अपराधी उतनी ज्यादा होती है उसकी पहुंच-जस्टिस खेहर

नई दिल्ली (18 मार्च): देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर ने प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरणों की 15वीं अखिल भारतीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधी जितना बड़ा होता है, उसकी पहुंच उतनी ज्यादा होती है।


उद्घाटन भाषण देते हुए जस्टिस खेहर ने 1993 के मुंबई विस्फोट मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में सिर्फ याकूब मेमन को ही मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई, 2015 को दिन के समय इस सजा को चुनौती देने वाली उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। लेकिन, कुछ कार्यकर्ता वकीलों ने उसी रात फैसले की पुन:परीक्षा के लिए एक और याचिका दाखिल कर दी क्योंकि मेमन को 30 जुलाई की सुबह ही फांसी दी जानी थी। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए तैयार भी हो गया था। विशेष पीठ ने रात 2 बजे से दो घंटे से भी ज्यादा समय तक उस याचिका पर सुनवाई की थी। जस्टिस खेहर ने कहा, 'हमारा देश बड़ा विचित्र है।