कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज कर्णन गिरफ्तार, SC ने दिया था आदेश

नई दिल्ली (20 जून): हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस कर्णन को तमिलनाडु के कोयंबटूर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने की सजा के बाद जस्टिस कर्णन फरार चल रहे थे। 62 साल के जस्टिस कर्णन 9 मई के बाद से ही फरार चल रहे थे। उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 महीने कैद की सजा सुनाई थी।


 ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी पद पर बैठे हाईकोर्ट जज को सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि के मामले में जेल की सजा दी। जस्टिस कर्णन इसी महीने 12 जून को अपने पद से रिटायर हुए।


यह है पूरा मामला

जस्टिस कर्णन ने 20 पद पर काबिज सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने एक शिकायत भी की थी। उन्होंने CBI को इस शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। जस्टिस कर्णन ने CBI को निर्देश देते हुए इस जांच की रिपोर्ट संसद को सौंपने के लिए कहा था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने इसे अदालत की अमनानना बताया था। इसके बाद 7 जजों की एक खंडपीठ का गठन किया गया, जिसने जस्टिस कर्णन के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवमानना से जुड़ी कार्रवाई शुरू की।


अपने खिलाफ शुरू हुई अदालती कार्रवाई का सामना करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो बार जस्टिस कर्णन को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन कर्णन इस आदेश को अनसुना करते हुए कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च को उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वॉरंट जारी किया। 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 महीने जेल की सजा सुनाई।