Blog single photo

13 साल बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में को मिली महिला सदस्य जस्टिस आर.भानुमती

न्यायमूर्ति भानुमती, तमिलनाडु से हैं। वह शीर्ष कोर्ट के पांच सीनियर न्यायाधीशों में से हैं। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार उन्हें सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का हिस्सा बनाया गया है। कॉलेजियम विभिन्न हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करता है। न्यायमूर्ति भानुमती के अलावा, न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे, न्यायमूर्ति एन.वी. रमना और अरुण मिश्रा और आर.एफ. नरीमन कॉलेजियम का हिस्सा हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 नवंबर): सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में एक दशक के बाद न्यायमूर्ति आर.भानुमती के रूप में महिला सदस्य शामिल हुई हैं। भानुमती, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के रविवार को सेवानिवृत्त होने के बाद इसका हिस्सा बन जाएंगी। उनसे पहले, लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने वाले न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति रूमा पाल लगभग तीन साल (4 जून, 2006 को सेवानिवृत्त) तक कॉलेजियम सिस्टम का हिस्सा रही। पाल को 28 जनवरी, 2000 को शीर्ष कोर्ट का न्यायधीश नियुक्त किया गया था।

न्यायमूर्ति भानुमती, तमिलनाडु से हैं। वह शीर्ष कोर्ट के पांच सीनियर न्यायाधीशों में से हैं। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार उन्हें सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का हिस्सा बनाया गया है। कॉलेजियम विभिन्न हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करता है। न्यायमूर्ति भानुमती के अलावा, न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे, न्यायमूर्ति एन.वी. रमना और अरुण मिश्रा और आर.एफ. नरीमन कॉलेजियम का हिस्सा हैं।

न्यायमूर्ति भानुमती का जन्म 20 जुलाई 1955 को हुआ और उन्होंने तमिलनाडु हायर ज्यूडिशियल सेवा से अपनी शुरुआत की। उन्हें सीधे तौर पर 1988 में जिला न्यायाधीश नियुक्त किया गया।जस्टिस भानुमती सिर्फ नौ महीने की अवधि के लिए कॉलेजियम का हिस्सा होंगी, क्योंकि वह 19 जुलाई, 2020 को सेवानिवृत्त हो जायेंगी, किंतु वो शीर्ष तीन जजों में जगह नहीं बना सकेंगी। क्योंकि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद तीन अन्य न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की तारीख आती है।

सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों में से केवल तीन महिलाएं हैं। न्यायमूर्ति भानुमती के अलावा न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी अन्य दो महिला न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में हैं। पिछले साल न्यायमूर्ति आर भानुमती और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी के रूप में एक सर्व-महिला पीठ देखी गई। कहा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह दुर्लभ क्षण था। सर्व महिला पीठ 5 और 6 सितंबर को कोर्ट नंबर 12 में बैठी थी। सुप्रीम कोर्ट ने केवल 8 महिला न्यायाधीशों को देखा है। इससे पहले जस्टिस रूमा पाल अंतिम महिला न्यायाधीश रहीं जो इस कॉलेजियम में थीं।

Images Courtesy:Google

Tags :

NEXT STORY
Top